वाराणसी।
देश की अग्रणी गैस कंपनी GAIL (India) Limited द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर स्थित अन्नपूर्णा रसोईघर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) आपूर्ति शुरू करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल न केवल धार्मिक स्थल की व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देगी।
यह समझौता डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण महोदय तथा सुशील कुमार (महाप्रबंधक – वाराणसी), सुरेश तिवारी (महाप्रबंधक), गौरी शंकर मिश्रा (महाप्रबंधक) और देवासीस साहू की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने इस पहल को पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा दक्षता की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया।
अधिकारियों के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों के भीतर अन्नपूर्णा रसोईघर में PNG की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। यह क्षेत्र का पहला ऐसा रसोईघर होगा, जहां पाइप्ड नेचुरल गैस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे भोजन बनाने की प्रक्रिया और अधिक सुगम, सुरक्षित एवं तेज हो जाएगी।
अन्नपूर्णा रसोईघर में प्रतिदिन लगभग 15,000 श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार किया जाता है। वर्तमान समय में यहां भोजन बनाने के लिए प्रतिदिन करीब 15 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग होता है, जो महीने भर में लगभग 450 सिलेंडरों तक पहुंच जाता है। इतनी बड़ी मात्रा में एलपीजी सिलेंडरों के उपयोग से न केवल लागत अधिक आती है, बल्कि इनके भंडारण और परिवहन में भी कई तरह की चुनौतियां सामने आती हैं।
PNG आपूर्ति शुरू होने के बाद इन सभी एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी और उन्हें अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। पाइप्ड गैस प्रणाली के माध्यम से निरंतर गैस आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे रसोई संचालन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। इसके साथ ही, गैस रिसाव जैसी दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
इस पहल का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा। PNG एक स्वच्छ ईंधन है, जो एलपीजी की तुलना में कम प्रदूषण फैलाता है। इससे मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है। गेल द्वारा शुरू की गई यह योजना केवल अन्नपूर्णा रसोईघर तक सीमित नहीं रहेगी।
इसके अंतर्गत आसपास के क्षेत्रों में भी PNG कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय निवासियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षित, सस्ती और निरंतर ऊर्जा आपूर्ति का लाभ मिल सकेगा।
कुल मिलाकर, यह पहल वाराणसी शहर में स्वच्छ ऊर्जा के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में अन्य संस्थानों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बनेगी।










Users Today : 22
Users This Year : 11443
Total Users : 24036
Views Today : 39
Total views : 47119