वाराणसी पुलिस की तत्परता से खोया पर्स और लाखों के जेवरात मिले वापस

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वाराणसी।

मानवता, ईमानदारी और पुलिस की सक्रियता की एक सराहनीय मिसाल पेश करते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट, एक जिम्मेदार कैब चालक तथा समाजसेवी रिंकु सेठ के संयुक्त प्रयास से एक परिवार की बड़ी चिंता खुशी में बदल गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विश्वनाथ गली निवासी अजय बाजोरिया (पुत्र स्वर्गीय नारायण दास बाजोरिया) ने बताया कि दिनांक 9 अप्रैल 2026 की रात्रि उनकी सास श्रीमती गीता देवी मोदी, जो कोलकाता से वाराणसी आई थीं,

वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से कैब द्वारा अपने आवास के लिए रवाना हुई थीं। घर पहुंचने के उपरांत उन्हें ज्ञात हुआ कि उनका पर्स कैब में ही छूट गया है। पर्स में लगभग एक लाख रुपये नकद तथा करीब तीन लाख रुपये के जेवरात रखे हुए थे।

घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चिंता का माहौल बन गया और तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना प्राप्त होते ही दुर्गाकुंड चौकी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले को गंभीरता से लिया और खोजबीन प्रारंभ कर दी।

इसी क्रम में संबंधित कैब चालक ने ईमानदारी का परिचय देते हुए समाजसेवी रिंकु सेठ के कहने पर दुर्गाकुंड चौकी को सूचना दी तथा पर्स को सुरक्षित रखते हुए चौकी प्रभारी के पास जमा करा दिया। चौकी प्रभारी विकाश मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पर्स की पहचान सुनिश्चित की और उसे सुरक्षित रूप से अजय बाजोरिया को सुपुर्द कर दिया।

अजय बाजोरिया ने बताया कि उन्हें उनका पूरा सामान सुरक्षित वापस मिल गया, जिसमें लगभग एक लाख रुपये नकद एवं तीन लाख रुपये के जेवरात शामिल हैं। उन्होंने वाराणसी पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की तत्परता और ईमानदार प्रयासों के कारण ही उनका खोया हुआ सामान उन्हें वापस मिल सका।

इस सराहनीय कार्य के लिए अजय बाजोरिया एवं उनके परिवार ने वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट, दुर्गाकुंड चौकी प्रभारी विकाश मिश्रा तथा समाजसेवी रिंकु सेठ के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने कैब चालक की ईमानदारी की भी प्रशंसा की, जिसने मानवता की एक उत्कृष्ट मिसाल प्रस्तुत की।

चौकी प्रभारी विकाश मिश्रा ने कैब चालक की ईमानदारी की सराहना करते हुए उसे आगामी 15 अगस्त के अवसर पर सम्मानित किए जाने का आश्वासन भी दिया।

यह घटना एक बार पुनः सिद्ध करती है कि पुलिस और आम नागरिक यदि समन्वय, ईमानदारी एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, तो किसी भी समस्या का समाधान संभव है। वाराणसी पुलिस की यह पहल समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना को और सुदृढ़ करती है।

 

रिपोर्ट धनेश्वर साहनी

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