चन्दौली नौगढ़ क्षेत्र में पुलिस ने गौतस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 गोवंश (गाय) को बरामद किया और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई देर रात मुखबिर की सूचना पर की गई, जिससे एक बार फिर क्षेत्र में सक्रिय तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
जंगल के रास्ते हो रही थी तस्करी
पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना चकरघट्टा पुलिस टीम को सूचना मिली कि कुछ तस्कर गोवंश को पैदल हांककर जंगल के रास्ते बिहार के भभुआ ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने ग्राम टिकुरिया के पास कर्मनाशा नदी किनारे घेराबंदी की।
देर रात करीब 23:55 बजे पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 गोवंश को बरामद किया और एक तस्कर को मौके से गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
गिरफ्तार तस्कर ने खोले राज
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान राजा बोलारक यादव (उम्र लगभग 27 वर्ष), निवासी ग्राम पडहवा, थाना चकरघट्टा के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से सस्ते दामों पर गोवंश खरीदकर उन्हें जंगल के रास्ते बिहार ले जाकर वध के लिए बेचा जाता है।
दर्ज हुआ गंभीर मुकदमा
इस मामले में थाना चकरघट्टा में गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बड़ा सवाल—क्यों नहीं रुक रही गौतस्करी?
लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि गौतस्करों का नेटवर्क अब भी सक्रिय और संगठित है। जंगल के रास्तों का इस्तेमाल कर तस्कर पुलिस की नजर से बचने की कोशिश करते हैं, जिससे इस अवैध धंधे पर पूरी तरह लगाम लगाना चुनौती बना हुआ है।
निष्कर्ष:
चकरघट्टा पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़ी तस्करी को जरूर नाकाम किया, लेकिन सवाल अब भी बरकरार है—
क्या इन तस्करों के पूरे गिरोह का पर्दाफाश होगा, या यूं ही जारी रहेगा गौतस्करी का खेल?
सख्त कार्रवाई और मजबूत निगरानी ही इस अवैध कारोबार को जड़ से खत्म कर सकती है!










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