वाराणसी कचहरी में अधिवक्ताओं पर हुए कथित पुलिसिया अत्याचार के खिलाफ अब हाईकोर्ट बार एसोसिएशन भी मैदान में उतर आया है। रविवार को प्रयागराज स्थित बार कक्ष में आयोजित आपातकालीन बैठक में वकीलों ने तीखा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द ही दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की, तो प्रदेशभर में वकील उग्र आंदोलन छेड़ देंगे।
बैठक की अध्यक्षता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय बबुआ ने की। अधिवक्ताओं ने वाराणसी में पुलिस द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की घोर निंदा की और इस पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की। वकीलों का कहना था कि पुलिस जैसे अनुशासित बल के परिजनों द्वारा सड़क पर राजनीति करना और अपनी गलती छिपाने की कोशिश करना बेहद शर्मनाक है।
सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास
बैठक में वाराणसी बार एसोसिएशन के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया। साथ ही प्रशासन से यह मांग रखी गई कि इस पूरे मामले का जल्द से जल्द संतोषजनक निस्तारण किया जाए। वकीलों ने राज्य विधिज्ञ परिषद, उत्तर प्रदेश से भी अपेक्षा की कि वह इस संवेदनशील प्रकरण पर गंभीरता से विचार करे और अधिवक्ताओं के हित में ठोस निर्णय ले।
एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की गूंज
संयुक्त सचिव प्रेस रामेश्वर दत्त पांडेय आरडी ने प्रेस को बताया कि बैठक में अधिवक्ताओं ने जोर देकर कहा कि “एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट” अब समय की मांग है। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक इस अधिनियम को लागू नहीं किया जाएगा, पुलिस द्वारा वकीलों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं थमने वाली नहीं हैं। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे मामलों में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए।
प्रदेशभर में आंदोलन की तैयारी
बैठक में चेतावनी दी गई कि यदि सरकार और प्रशासन ने इस मामले को हल्के में लिया तो अधिवक्ता समाज चुप नहीं बैठेगा। आने वाले दिनों में प्रदेशभर के वकील सड़कों पर उतरकर बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।










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