भदोही रमजान के मुकद्दस महीने के अंतिम शुक्रवार को जनपद की शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की मस्जिदों में अलविदा जुमे की नमाज अकीदत और एहतिराम के साथ अदा की गई।
इस मौके पर सुबह से ही मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ देखने को मिली। लोगों ने अल्लाह की बारगाह में देश में अमन-चैन, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए दुआएं मांगीं।
नमाज से पहले और बाद में उलेमा-ए-कराम ने रमजान के फजीलत और इसकी अहमियत पर रोशनी डालते हुए लोगों को नेक अमल करने और इंसानियत के रास्ते पर चलने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना सब्र, तकवा और इंसानियत का पैगाम देता है।
मोहल्ला कजियाना स्थित मस्जिद में तकरीर करते हुए मौलाना जाकिर हुसैन ने कहा कि अल्लाह तआला का बड़ा करम है कि उसने हमें रमजान जैसा बरकतों भरा महीना अता किया। रोजा इंसान को परहेजगार बनाता है और बुराइयों से दूर रहने की सीख देता है।
उन्होंने शबे कद्र की अहमियत बताते हुए कहा कि यह वह मुबारक रात है, जो हजार महीनों से बेहतर बताई गई है। इस रात में की गई इबादत का सवाब हजार महीनों की इबादत के बराबर मिलता है।
अलविदा जुमे के मौके पर नमाजियों ने रमजान के बचे हुए दिनों में ज्यादा से ज्यादा इबादत करने का संकल्प लिया। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को अलविदा जुमे की मुबारकबाद दी और मुल्क में अमन, तरक्की और खुशहाली के लिए दुआएं










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