पुलिस आयुक्त महोदय के निर्देशन में श्री काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस कर्मियों के लिए आयोजित 03 दिवसीय सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग एवं संवाद कार्यशाला त्रयंबकेश्वर हॉल में समापन हुआ।
दो दिवसीय सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण व पुलिस आयुक्त के काउंसलिंग के बाद ही होगी नए पुलिसकर्मियों की नियुक्ति ।
पुलिस आयुक्त द्वारा मंदिर में पुलिस व्यवहार से संबंधित वास्तविक फीडबैक प्राप्त करने हेतु प्रत्येक सप्ताह पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं की वेशभूषा में भेजा जाएगा, जो सामान्य श्रद्धालु बनकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन मुंबई स्थित प्रशिक्षण संस्था ऑयस्टर एचआर सॉल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड की विशेषज्ञ टीम द्वारा सहभागितापूर्ण एवं व्यवहारिक पद्धति से किया गया।
पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा प्रशिक्षण टीम के सुश्री पूजा कृष्णा (सीएमडी एवं नेतृत्व एवं व्यक्तित्व विकास विशेषज्ञ), दीपशिखा शर्मा (life coach)तथा अंजलि मिश्रा (सहायक प्रशिक्षक) को प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों ने सहभागिता की, जिनका उद्देश्य नागरिक-केन्द्रित पुलिसिंग तथा संवेदनशील व्यवहार को सुदृढ़ करना रहा।
समापन अवसर पर पुलिस आयुक्त महोदय ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर पुलिस की भूमिका केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं से सम्मानजनक व्यवहार भी उतना ही आवश्यक है।

अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया कि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच पुलिस का व्यवहार ही प्रशासन की छवि प्रस्तुत करता है, इसलिए विनम्रता और धैर्य अत्यंत आवश्यक है।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य संदेश “सेवा • सुरक्षा • संवेदनशीलता” रहा, जिसके माध्यम से पुलिस कर्मियों को नागरिकों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण एवं सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया गया।
प्रशिक्षण में नागरिक-केन्द्रित पुलिसिंग, श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार, प्रभावी संवाद कौशल, सकारात्मक भाषा के प्रयोग तथा सार्वजनिक व्यवहार से पुलिस की सकारात्मक छवि निर्माण पर विशेष चर्चा की गई।
पुलिस कर्मियों को भीड़ प्रबंधन, तीर्थस्थलों पर व्यवस्था संचालन तथा तनावपूर्ण परिस्थितियों में संयमित और संतुलित प्रतिक्रिया देने के व्यावहारिक उपायों से अवगत कराया गया।
कार्यशाला के दौरान समूह अभ्यास, संवाद आधारित गतिविधियां तथा भूमिका-अभिनय के माध्यम से वास्तविक परिस्थितियों में प्रभावी संवाद और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार के महत्व को समझाया गया।
प्रशिक्षण में बताया गया कि कठोर या असंवेदनशील संवाद नागरिकों में असंतोष उत्पन्न कर सकता है, जबकि सम्मानजनक और सकारात्मक संवाद कई बार तनावपूर्ण स्थितियों को भी सहज बना देता है।
पुलिस कर्मियों को मीडिया एवं जनसमूह के साथ संतुलित संवाद, टीम समन्वय, परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय क्षमता तथा पेशेवर आचरण बनाए रखने के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

दिनांक 16.03.2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में श्री काशी विश्वनाथ धाम में तैनात पुलिस कर्मियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय “सॉफ्ट स्किल” प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यशाला का त्रयंबकेश्वर हॉल में समापन हुआ, जिसमें सेवा, सुरक्षा एवं संवेदनशीलता को पुलिसिंग की मूल भावना के रूप में स्थापित करने पर बल दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र एवं सम्मानजनक व्यवहार, प्रभावी संवाद कौशल, भीड़ प्रबंधन तथा तनावपूर्ण परिस्थितियों में संयमित प्रतिक्रिया देने के व्यावहारिक उपायों से अवगत कराया गया। पुलिस आयुक्त ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर पुलिस की भूमिका केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार भी उतना ही आवश्यक है,
इसलिए पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को अपना मेहमान समझकर ड्यूटी करें तथा विनम्रता और धैर्य का परिचय दें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि मंदिर में पुलिस व्यवहार से संबंधित वास्तविक फीडबैक प्राप्त करने के लिए प्रत्येक सप्ताह पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं की वेशभूषा में भेजा जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन मुंबई स्थित ऑयस्टर एचआर सॉल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड की विशेषज्ञ टीम द्वारा सहभागितापूर्ण एवं व्यवहारिक पद्धति से किया गया,
जिसमें नागरिक-केन्द्रित पुलिसिंग और सकारात्मक पुलिस छवि निर्माण पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त सुरक्षा अनिल कुमार यादव सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे ।











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