सकलडीहा, तहसील के वरंगा गांव स्थित रॉयल ताल में पिछले कई माह से अवैध तरीके से मिट्टी का खनन हो रहा है। जिसे लेकर ग्रामीणों और किसानों ने शुक्रवार को खनन स्थल पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अवैध खनन की शिकायत कई बार होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने अवैध खनन पर रोक लगाये जाने की मांग किया है।
वरंगा गांव का रॉयल ताल की यह जमीन मूल रूप से जेल बनाने के नाम पर किसानों से सरकार ने खरीदी थी। बाद में दस्तावेजों की जांच में पता चला कि यह जमीन ताल के नाम दर्ज है। इसके बाद किसानों को दिए गए मुआवजे को वापस करने का नोटिस दिया गया। किसानों ने इस मामले में अपर आयुक्त प्रशासन, वाराणसी के न्यायालय में वाद दाखिल किया है। जो अभी विचाराधीन है।
न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद, विगत तीन माह से रात के अंधेरे में ताल की जमीन में कई जेसीबी, डंपर और ट्रैक्टर लगाकर खनन किया जा रहा है। निकाली गई मिट्टी को ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। ग्राम प्रधान कन्हैया राम ने बताया कि बेतरतीब तरीके से 8 से 10 फीट की गहराई तक खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और राजस्व दोनों को भारी क्षति हो रही है।
प्रधान ने यह भी बताया कि शिकायत के बाद एक बार खनन अधिकारी जांच करने पहुंचे थे और मौके पर खनन पाया भी था, लेकिन तब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब ग्रामीण रात में मौके पर पहुंचकर खनन रोकने को कहते हैं तो खनन माफिया उन्हें जान से मारने की धमकी देते हैं।
ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है और कहा है कि कभी भी यहां विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस संबंध में पूछे जाने पर खनन अधिकारी प्रदीप कुमार ने कहा कि एडीएम की ओर से टीम गठित कर दिया गया है। जांच में अगर किसानों की जमीन होगी तो सख्त कार्यवाही की जाएगी।
प्रदर्शन करने वालो में ग्राम प्रधान वरंगा कन्हैया राम,डॉ. रिंकू,छोटू राम,पूर्व प्रधान राजकपूर पासवान, घनश्याम पासवान,डॉ. सुनील शर्मा,रविशंकर,घुरा, मनोज, बब्बन,राबिंस,मुन्ना,नगीना सहित बडी सख्या में ग्रामीण और किसान रहे।










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