देशभर में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर निर्णायक मोड़ आ गया है। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग की महा ऑनलाइन बैठक ने ऐसा बिगुल फूंका है। जिसकी गूंज दूर तक सुनाई देने वाली है। 1 मार्च की शाम 7:30 बजे शुरू हुई यह हाई-प्रोफाइल ज़ूम बैठक करीब दो घंटे तक चली और उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से प्रदेश, मंडल और जिला स्तर के पदाधिकारियों की रिकॉर्ड भागीदारी ने संगठन की अभूतपूर्व एकजुटता का प्रदर्शन किया।
बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष निशिकांत राय ने की, जबकि प्रदेश अध्यक्ष जीवन कुमार झा के कुशल निर्देशन और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में भविष्य का दमदार रोडमैप तैयार हुआ।
बड़े फैसले, बड़ा संदेश
बैठक में लिए गए निर्णयों ने साफ कर दिया कि अब पत्रकारों पर हमला करने वालों के लिए कोई ढील नहीं होगी।
पत्रकारों पर हो रहे हमलों और उत्पीड़न को रोकने के लिए ठोस और आक्रामक रणनीति लागू की जाएगी।
जल्द ही लखनऊ में आयोग का एक भव्य कार्यालय स्थापित किया जाएगा, जो संगठन की ताकत का प्रतीक बनेगा।
प्रदेश स्तर पर ऑफलाइन और जनपद व मंडल स्तर पर ऑनलाइन व ऑफलाइन बैठकों का सशक्त अभियान चलाया जाएगा।
हर पदाधिकारी को विशेष जिम्मेदारी सौंपकर संगठन को देश का सबसे मजबूत मंच बनाने का संकल्प लिया गया।
सभी पदाधिकारियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए राहत कोष स्थापित करने का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया गया।
चेतावनी भी, संकल्प भी
बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा गया।
“पत्रकारों का सम्मान ही हमारी प्राथमिकता है। यदि किसी भी कलम के सिपाही के साथ अन्याय हुआ, तो ईंट से ईंट बजा दी जाएगी।
यह सिर्फ एक बैठक नहीं थी, बल्कि एक निर्णायक ऐलान था।
अब पत्रकारों की आवाज दबाने की हर कोशिश का जवाब संगठित शक्ति से दिया जाएगा।
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग का यह आक्रामक तेवर अन्य संगठनों के लिए साफ संदेश है।
पत्रकारों की सुरक्षा पर अब कोई समझौता नहीं होगा।
देश में पत्रकार हितों की लड़ाई अब नए तेवर और नई ताकत के साथ लड़ी जाएगी।
रिपोर्ट – सुरेश कुमार शर्मा










Users Today : 66
Users This Year : 23677
Total Users : 36270
Views Today : 137
Total views : 71240