वाराणसी।
नदेसर शूटआउट मामले में 24 साल बाद एक बार फिर सुनवाई तेज हो गई है। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत में घटना के समय आरोपी अभय सिंह का इलाज करने वाले फैजाबाद के तत्कालीन सरकारी डॉक्टर अरविंद कुमार सिंह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोबारा जिरह की गई। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने डॉक्टर से इलाज से जुड़े कई अहम सवाल पूछे।
जिरह पूरी होने के बाद अदालत ने मामले के एक अन्य महत्वपूर्ण गवाह फार्मास्टिक शुभकरण यादव की अगली गवाही के लिए 19 फरवरी की तारीख तय की है, जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से एडीजीसी विनय सिंह के साथ वादी के निजी अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी, शशिकांत राय उर्फ चुन्ना, विपिन शर्मा, आदित्य वर्मा और आशुतोष सिंह सोनू ने पक्ष रखा। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह मौजूद रहे। बचाव पक्ष का दावा है कि घटना के वक्त अभय सिंह फैजाबाद स्थित सरकारी अस्पताल में इलाज करा रहे थे और संदीप सिंह उनकी देखरेख कर रहे थे।
क्या है पूरा मामला?
4 अक्टूबर 2002 को पूर्व सांसद धनंजय सिंह अपने साथियों के साथ सफारी वाहन से जौनपुर लौट रहे थे। इसी दौरान वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर, टकसाल सिनेमा हॉल के पास बोलेरो से उतरे अभय सिंह और उनके 4–5 साथियों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
इस हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर और चालक समेत कई लोग घायल हो गए। घायलों को मलदहिया स्थित सिंह मेडिकल में भर्ती कराया गया, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में धनंजय सिंह की तहरीर पर अभय सिंह समेत विनीत सिंह, संदीप सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेन्द्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की गई थी।
अब 24 साल बाद एक बार फिर इस हाई-प्रोफाइल केस में सुनवाई तेज होने से राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल मच गई है। माना जा रहा है कि आने वाली गवाही इस केस की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।










Users Today : 8
Users This Year : 10666
Total Users : 23259
Views Today : 10
Total views : 45671