इस शिष्टाचार भेंट के दौरान, उन्होंने मेरे अनुज लक्ष्मी नारायण जायसवाल जी को भी अपना स्नेहपूर्ण आशीर्वाद प्रदान किया।
हम दोनों ही उनके ओजस्वी व्यक्तित्व और सहजता से अत्यंत अभिभूत हैं। उनसे चर्चा के दौरान, हमने ‘बाबा विश्वनाथ की नगरी’ बनारस के विकास और उसकी सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के विषय में विस्तार से संवाद किया।
उनका मार्गदर्शन और काशी के प्रति उनकी दूरदृष्टि हमें नई ऊर्जा से भर देती है। हम ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामना करते हैं।









Users Today : 19
Users This Year : 15586
Total Users : 28179
Views Today : 21
Total views : 55929