उन्होंने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे निर्माण से गंगा नदी में हो रहे प्रदूषण को लेकर याचिका दाख़िल की थी। जस्टिस सूर्यकांत की बेंच के सामने खुद पेश हुए। अपनी बात रखने की कोशिश भी की।
CJI जस्टिस सूर्यकांत ने यह कहते हुए याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया कि -हर केस यहां लाना ज़रूरी नहीं। इलाहाबाद हाईकोर्ट वाराणसी से मात्र 2 घंटे की दूरी पर है।
एक रिपोर्टर ने बाबा से पूछा कि कैमरे के सामने अपनी बात रखेंगे, उन्होंने साफ मना कर दिया। कुछ लोग मीडिया में आने और प्रचार पाने के लिए ही याचिका दायर करते हैं। ख़तरनाक बाबा अलग हैं, उन्हें बस गंगा मईया की चिंता है।











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