राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा ने आज आयोग से जुड़े सभी पदाधिकारियों को एक भावुक और जिम्मेदारी भरा संदेश जारी करते हुए देशव्यापी सड़क सुरक्षा अभियान की शुरुआत करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है। जब पत्रकार ही नहीं, बल्कि देश का हर नागरिक सड़क सुरक्षा को अपना व्यक्तिगत संकल्प बनाए और पुलिस विभाग का पूरा सहयोग करे।
“चलती बाइक पर मोबाइल नहीं… जिंदगी पहले!”
सुरेश कुमार शर्मा ने अपने संदेश में बेहद सरल लेकिन दिल को छू लेने वाली अपील की है।
आप कभी भी चलती हुई बाइक से अपने मोबाइल पर बात नहीं करेंगे।
सिर्फ दो मिनट रुक जाइए… अपनी बाइक को किनारे लगाइए, फिर फोन रिसीव कीजिए।
सामने वाले से कहिए – अगर बहुत जरूरी है। तो बताइए, नहीं तो मैं घर पहुंचकर बात करता हूं।
उन्होंने कहा कि मोबाइल पर दो मिनट की जल्दबाज़ी, जिंदगी भर का पछतावा बन सकती है।
“क्योंकि घर पर कोई आपका इंतज़ार कर रहा है।
अपने संदेश को भावनात्मक रूप देते हुए उन्होंने कहा कि
याद रखिए… आपके घर में आपकी मां-बाप, भाई-बहन, बेटा-बेटी आपका इंतजार कर रहे हैं। आपकी एक गलती पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ सकती है।
उनका यह संदेश केवल पत्रकारों तक सीमित नहीं है। बल्कि देश के हर नागरिक के लिए एक जागरूकता का बिगुल है।
पुलिस विभाग को मिलेगा सहयोग
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग के पदाधिकारियों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि सभी सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस विभाग के साथ मिलकर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाएं। हेलमेट, सीट बेल्ट, ट्रैफिक नियमों और मोबाइल के दुरुपयोग के खिलाफ जनजागरण अभियान तेज किया जाएगा।
बने जनआंदोलन
सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा सिर्फ कानून का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है।
अगर हर व्यक्ति यह संकल्प ले ले कि “चलती गाड़ी में मोबाइल नहीं”, तो हजारों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
संदेश साफ है।
फोन दो मिनट रुक सकता है।लेकिन जिंदगी नहीं।
यह पहल अब एक मिशन बन चुकी है। सवाल सिर्फ नियम का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और अपने परिवार के भविष्य का है।
रिपोर्ट – सुरेश कुमार शर्मा










Users Today : 8
Users This Year : 10666
Total Users : 23259
Views Today : 10
Total views : 45671