जहां दिवारे भी बोल रहीं थी वाह बनारस वाह

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मीरजापुर   काशी काव्य कान्ति मंच एवं मंगलम डिजिटल के तत्वावधान मे हिन्दी दिवस के अवसर पर “वाह बनारस वाह” कवि सम्मेलन का आयोजन सफलतापूर्वक रविवार को सम्पन्न हुआ। उम्मीद से ज्यादा खूबसूरत महफ़िल सजी, सभी साहित्यकारों ने धैर्य का परिचय देते हुए कार्यक्रम के अंत तक उपस्थित रहे और एक से बढकर एक काव्य पाठ करते हुए एक दूसरे का उत्साह वर्धन करते रहें। सभी लोगों की प्रस्तुति सराहनीय रहा। काव्यपाठ होते समय लग रहा था कि जैसे दिवारे भी बोल रहीं थी-

“वाह बनारस वाह”। कवि कृष्ण कुमार अग्रहरी ‘सरल’, विजय नारायण तिवारी ‘रसिक’ एवं सर्वेश अग्रहरि ‘वियोगी’ ने हिन्दी साहित्य एवं इसके पुरोधा आचार्य रामचंद्र शुक्ल विषयक अपनी काव्य प्रस्तुत किये। शेखर त्रिपाठी “भैया” ने मुझे राम प्यारे मुझे राम दे दो की प्रस्तुति दी। श्वेता शुक्ला कवयित्री एवं आरजे आकाशवाणी लखनऊ बतौरविशिष्ट अतिथि के रूप कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। मंच संचालिका प्रियंका अग्निहोत्री ने अपने स्वर से समा बांधी।

विशेष आभार डॉ नीरज प्रजापति, अजय वर्मा, सर्वेश अग्रहरि वियोगी, चेतना तिवारी, पवन शर्मा, अमर मिश्र, विक्की कुमार झा, प्रीति रंजन, श्रद्धा मौर्या, अजय वर्मा साथी आदि रहे। चलमकार उदय कुमार भास्कर ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

 

रिपोर्ट भोला यादव

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