अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय, कमिश्नरेट वाराणसी महोदय द्वारा आगामी नव वर्ष पर श्रद्धालुओं के निर्बाध आवागमन, शहर की सुरक्षा व्यवस्था, यातायात व्यवस्था, शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा जनता में पुलिस उपस्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से काल भैरव मंदिर, मैदागिन चौराहा,
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर आदि स्थानों एवं गंगा घाटो पर भ्रमण/निरीक्षण सहायक पुलिस आयुक्त दशाश्वमेध, सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, प्रभारी निरीक्षक चौक, पुलिस कर्मचारीगण एवं यातायात पुलिस बल के साथ संयुक्त पैदल गश्त की गई। इस दौरान भीड़भाड़ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्ति/वस्तु/वाहन की व्यापक चेकिंग कर सुरक्षा उपायों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया गया।
गश्त के दौरान सुरक्षा, अनुशासन एवं व्यवस्था से जुड़े कई पहलुओं की समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने, रिपोर्टिंग प्रणाली सक्रिय रखने और किसी भी परिस्थिति में शांति एवं कानून-व्यवस्था में व्यवधान न आने देने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण एवं गश्त गतिविधियाँ
पैदल गश्त और निगरानी
श्री काल भैरव मंदिर, मैदागिन से श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर तक सतत निरीक्षण एवं पैदल गश्त की गई। संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और भीड़ पर सतत निगरानी। गश्त के दौरान जोखिम भरे स्थानों और संवेदनशील बिंदुओं की पहचान कर विशेष निगरानी सुनिश्चित की गई।घाट क्षेत्र की विशेष सुरक्षा दशाश्वमेध घाट एवं अन्य महत्वपूर्ण घाटों पर 24 घंटे पिकेट ड्यूटी बनाए रखने के निर्देश।
गंगा घाट पर किसी भी वाहन के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध। गंगा घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुरक्षा मार्गदर्शन और सहायता सुनिश्चित। गंगा घाट के आसपास संवेदनशील स्थानों पर सतत नजर रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात
सुरक्षा एवं निगरानी संबंधी निर्देश
1. रूफटॉप ड्यूटी
संवेदनशील और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा बल को छतों पर तैनात कर उच्च दृष्टि से निगरानी।
संदिग्ध गतिविधियों को समय रहते पहचानने और रोकने के लिए रणनीतिक स्थानों पर बल तैनात।
2. उन्नत निगरानी उपकरण
बाइनाक्यूलर और हाई-पावर टॉर्च का उपयोग कर रात या कम रोशनी में भी निगरानी।
ऐसे उपकरणों का उपयोग संदिग्ध व्यक्तियों और संभावित अपराध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जाए।
3. अवैध अतिक्रमण और व्यवधान नियंत्रण
सड़क किनारे अवैध ठेले, खोमचे और अन्य अतिक्रमण हटवाए गए।
संबंधित व्यक्तियों को भविष्य में अतिक्रमण न करने की कड़ी चेतावनी दी गई।
सभी मार्गों को सुरक्षित, मुक्त और आवागमन के लिए सुचारू रखा गया।
4. दृश्य उपस्थिति और मार्गदर्शन
संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की निरंतर दृश्य उपस्थिति।
आगंतुकों और श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन, सुरक्षा सूचना और आपातकालीन सहायता प्रदान करना।
कार्यनीति एवं प्रबंधन निर्देश
1. तत्काल हस्तक्षेप और सूचना प्रणाली-
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत हस्तक्षेप।
उच्चाधिकारियों को वास्तविक समय में सूचना प्रदान करना।
2. सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन-
समन्वय, संवाद और सतर्कता के सिद्धांतों का पालना
पैदल गश्त, पिकेट ड्यूटी और निगरानी के माध्यम से सुरक्षा सुनिश्चित।
3. तत्काल प्रतिक्रिया तंत्र
क्षेत्र में किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए फौरन प्रतिक्रिया तंत्र।
सुरक्षा प्रणाली और निगरानी तंत्र का निरंतर मूल्यांकन और सुधार।
सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश कि वे हर सुरक्षा चुनौती को प्राथमिकता से संभालें।
4. अधिकारी एवं कर्मचारी निर्देश
संदिग्ध गतिविधियों, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उल्लंघन पर कड़ी निगरानी और तत्काल कार्रवाई। अभियान का उद्देश्य गोदौलिया से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक शांति, सुरक्षा और सामान्य गतिविधियों का सुचारू संचालन। धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों पर आने वाले नागरिकों और तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित, व्यवस्थित और सहज वातावरण।
पुलिस उपस्थिति की दृश्यमानता और आमजन में विश्वास बढ़ाना। असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण और निवारक कार्रवाई के माध्यम से व्यवस्था बनाए रखना। विकासात्मक गतिविधियों और सार्वजनिक मार्गों के दौरान सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित करना। आमजन से अपील कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय रूप से सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सूचना की स्थिति में तुरंत पुलिस को अवगत कराएँ। धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों पर आने के दौरान सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। सहयोग और जागरूकता के माध्यम से सुरक्षा तंत्र को और सुदृढ़ बनाने में भाग लें।










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