अहरौरा, मीरजापुर
सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राधा कृष्ण मंदिर स्थल के प्रांगण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वसेवकों द्वारा हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय महामंत्री सक्षम कमलेश दिव्यांगजनों का संगठन एवं पूर्व मुख्य आयुक्त दिव्यांगजन, सशक्तिकरण एवं अधिकारिक मंत्रालय तथा राम बालक (सह विभाग कार्यवाह विंध्याचल), आलोक (जिला प्रचारक चुनार) ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। कमलेश ने कहा कि भारत की आत्मा सनातन वैदिक धर्म में निहित है। उन्होंने जोर दिया कि भारत के गौरवशाली अतीत को समझने के लिए सनातन वैदिक परंपरा को जानना अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार, भारत की पहचान उसके सनातन संस्कारों से जुड़ी है।
राम बालक ने कहा कि हमारे जीवन में दो माताएं होती हैं, एक जन्म देने वाली और दूसरी पालन करने वाली, जो भारत माता हैं। उन्होंने समझाया कि जिस प्रकार जन्म देने वाली मां के प्रति हमारा ऋण होता है, उसी प्रकार भारत माता के प्रति भी हमारा कर्तव्य और ऋण है, जिसे हमें अपने आचरण और सेवा भाव से पूरा करना चाहिए। जिला प्रचारक चुनार आलोक ने हिंदू एकता पर जोर देते हुए कि जहां एकता है, वहीं शक्ति है। ऐसे में हिंदू समाज यदि संगठित रहा तो उसे कोई तोड़ नहीं सकता। इसी क्रम में उन्होंने हिंदू सम्मेलन के आयोजन का औचित्य बताया और इसे हिंदू जागरण का महापर्व बताया।
उन्होंने छुआछूत और जातिगत भेदभाव पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि समाज की सेवा करने वाला कोई भी व्यक्ति अछूत नहीं हो सकता। भगवान राम का केवट से प्रेम, शबरी के जूठे बेर, कृष्ण का सुदामा के घर भोजन, यह केवल कथाएं केवल सुनाने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उतारने के लिए हैं। जब तक जाति और छुआछूत की भावना का समूल नाश नहीं होगा, तब तक हिंदू सम्मेलन केवल औपचारिकता रहेंगे।
इस हिन्दू सम्मेलन की अध्यक्षता कथावाचक ब्रजराज दास महाराज व संचालन डॉक्टर मुकेश श्रीवास्तव (सह संघचालक नगर अहरौरा) ने किया। इस दौरान अखिलेश नगर कार्यवाह, संजय, सिद्धार्थ, लवकुश, डॉक्टर गुरुचरण, डॉक्टर राजकुमार, विकास सिंह, माखन सिंह सहित बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता दर्ज की गई।










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