वाराणसी
शिवपुर क्षेत्र स्थित करौली डायग्नोस्टिक सेंटर में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक ही मरीज की एमआरआई जांच की दो अलग-अलग रिपोर्ट जारी की गईं। हैरानी की बात यह रही कि एक रिपोर्ट में 75 प्रतिशत क्लॉटिंग दर्शाई गई, जबकि दूसरी रिपोर्ट में क्लॉटिंग शून्य बताई गई।
परिजनों का आरोप है कि विरोधाभासी रिपोर्टों के कारण मरीज के उपचार को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई, जिससे उसकी जान जोखिम में पड़ सकती थी। इस बात की जानकारी होते ही परिजन आक्रोशित हो गए और डायग्नोस्टिक सेंटर पर हंगामा किया।
घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई है। परिजनों ने करौली डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले ने स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं!
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला










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