चंदौली चकिया
अवैध पत्थर खनन का कारोबार जोरों पर है। इस कारोबार में लगे पत्थर चोर करोड़ों रुपये की कमाई कर रहे हैं। वन भूमि से पत्थर तोड़कर बाजार में बेचे जाने से जिले में वन एवं पर्यावरण को काफी नुकसान हो रहा है। बावजूद इसके प्रशासन इस पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। विदित हो कि इस धंधे में लगे लोग कल तक कमीशन पर लोगों को पत्थर उपलब्ध कराते थे। आज वे इस अवैध धंधे का लाभ उठा रहे है। उनके पास आज जीवन की हर सुविधा उपलब्ध है।
रोजाना 10 से 15 ट्रैक्टर से पत्थर की ढुलाई की जा रही। चकिया क्षेत्र के शिकारगंज चौकी अंतर्गत अलीपुर भगड़ा, गायघाट, गनेशपुर, हिनौती आदि के आसपास स्थित वन भूमि की पहाड़ियों में पत्थर तोड़ने का काम किया जाता है। उक्त स्थानों से पत्थर माफिया प्रतिदिन कई ट्रैक्टर पत्थर विभिन्न स्थानों के लिए ले जाते हैं। ये पत्थर नजदीकी ठेकेदारों में खपाए जाते हैं। इसका उपयोग घरों के लिए छत,नींव,फर्श बनाने एवं गिट्टी के रूप में होता है।
सुबह होती है पत्थर की ढुलाई

पत्थर चोरों द्वारा अवैध रूप से पत्थर ढोने का काम सुबह-सुबह किया जाता है। यह अवैध कारोबार जिला खनिज विभाग, स्थानीय पुलिस व वन कर्मियों की मिलीभगत से होता है। पत्थर चोरों द्वारा इसके एवज में वन विभाग को बंधी बंधाई रकम दी जाती है।
सेटिंग हो जाने के बाद चोर पत्थर की बेधड़क ढुलाई करते हैं। अवैध पत्थर के कारोबार में लगे पत्थर चोर आर्थिक रूप से मजबूत हो चुके हैं तथा राजनीतिक रूप से भी अपनी पहुंच बनाए हुए हैं।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य ऐसे अवैध कारोबार में संलिप्त है और उसका भाई चंद्रप्रभा रेंज में वन दरोगा है व खुद की जेसीबी से खुलेआम पहाड़ की खुदाई कर मामले को कवर कर रहे पत्रकारों से दादागिरी करता है व अवैध पत्थर से भरे ट्रेक्टर को रवाना करवाता है। किसी भी स्थिति में फंसने पर ये बतौर दरोगा वन विभाग के अधिकारियों से पैरवीकर लेन-देन की जिम्मेदारी लेता है। इसलिए जिम्मेदार इन पर कार्यवाही करने के बजाय, सांठ-गांठ बनाने में लग जाते हैं।
घूसखोरों में इनकी पकड़ इतनी अच्छी है की शिकारगंज वन दरोगा हर बार विशेष जाती का आता है और हर दरोगा इनके काम मे बराबर का सहयोग करता है
अवैध खनन रोकने के लिए बनी टीम निष्क्रिय
क्षेत्र में अवैध खनन व ट्रांसपोर्टिंग के खिलाफ बनाई गई टीम निष्क्रिय साबित हो रही है। एक दो मामलों को छोड़कर टीम द्वारा अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए कोई खास पहल नहीं की गई है। केवल दिखावेबाजी के लिए छुटपुट खानापूर्ति की जाती है। इसकी खानापूरी के बाद टीम द्वारा इस दिशा में पहल नहीं की गई। जबकि पत्थर चोर इस धंधे में जोर शोर से लगे हुए हैं।
अवैध रूप से पत्थर खनन करने वालों पर करवाई की जाती है, जानकारी मिलने पर तत्काल टीम भेजी जाती है। इन जगहों पर तुरंत टीम भेजकर पता करवाता हूं।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी









Users Today : 45
Users This Year : 23741
Total Users : 36334
Views Today : 148
Total views : 71414