वाराणसी, 22-23 नवंबर 2025 जेरिएट्रिक स्वास्थ्य, फिजियोथेरेपी और असिस्टिव टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से KASHICON 2025 का दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन वाराणसी में आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन देश-विदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, प्रोस्थेटिस्ट-ऑर्थोटिस्ट तथा रिहेबिलिटेशन विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर बुजुर्गों की स्वास्थ्य सेवाओं में नए युग की शुरुआत का मार्ग प्रशस्त करेगा।
वाराणसी में आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजक डॉ. संतोष पांडे, डॉ. प्रकाश मेहता और डॉ. व्योम ज्ञानपूरी ने बताया कि-कार्यक्रम का शुभारंभ 22 नवंबर को पंजीकरण और औपचारिक उद्घाटन सत्र के साथ होगा। इस अवसर पर Dr. Kamal Pant (Chairperson, NCAHP– Uttar Pradesh), Dr. Prabhat Ranjan (AIIMS New Delhi), Dr. Reena Srivastava (AIIMS Patna), Dr. A.K. Mukherjee, Dr. Nirmal Surya और Dr. Chapal Khasnabis सहित कई ख्यातिप्राप्त वक्ता उम्र बढ़ने, न्यूरोलॉजिकल रिहैब, असिस्टिव टेक्नोलॉजी और स्वास्थ्य सेवा के भविष्य पर व्याख्यान देंगे।
पहला दिन: 22 नवंबर 2025
कॉन्फ्रेंस के पहले दिन वर्चुअल रियलिटी, रोबोटिक्स, जेरिएट्रिक फिजियोथेरेपी, मैनुअल थेरेपी, AI आधारित रिहेब मॉडल तथा एडल्ट
मोबिलिटी सॉल्यूशंस जैसे उभरते विषय प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
दिन का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम और डिनर नाइट से होगा।
दूसरा दिन: 23 नवंबर 2025
दूसरे दिन की शुरुआत बुजुर्गों के लिए आधुनिक ऑर्थोसिस, VR आधारित फॉल-प्रिवेंशन ट्रेनिंग, बायोनिक एवं मायो-इलेक्ट्रिक हाथों की नवीन तकनीकें, पार्किंसन केयर, महिला स्वास्थ्य, कोर-पेल्विक फ्लोर संबंध और शोल्डर मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर
विशेषज्ञ व्याख्यानों से होगी।
इसके उपरांत “Strengthening Rehabilitation Services in India: Impact of the NCAHP Act” पर विशेष पैनल चर्चा
बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
आयोजित होगी। सम्मेलन के दौरान P&O, PT और OT विषयों पर वैज्ञानिक प्रस्तुतियाँ, पोस्टर प्रदर्शनियाँ, तथा IAAT एवं PWA की औपचारिक
सम्मेलन का उद्देश्य अंत में भव्य पुरस्कार समारोह कार्यक्रम का आकर्षण रहेगा।
KASHICON 2025 का मुख्य लक्ष्य-
भारत में जेरिएट्रिक रिहेबिलिटेशन सेवाओं को सशक्त बनाना
आधुनिक प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग बढ़ाना
सभी स्वास्थ्य पेशेवरों के बीच सहयोग एवं अंतर्विषयक समन्वय को सुदृढ़ करना है।











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