चन्दौली ताराजीवनपुर
क्षेत्र के भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण को लेकर रेवासा गांव के ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। 14वें दिनों से लगातार अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठी महिलाओं का भी गुस्सा बढ़ता जा रहा है। एसडीएम पर मनमानी और जोर जबरदस्ती का आरोप लगाते हुए अपनी मांगों को पूरा करने तक नहीं हटने को लेकर प्रशासन को चेतावनी भी दी। इसी बीच गांव के ही 65 वर्षीय सियाराम की हालत बिगड़ने पर फोन पर एंबुलेंस भी नहीं पहुंचने के बाद ऑटो से अस्पताल ले जाने पर भी ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। इनके साथ गांव के तीन लोगों की और हालात खराब हो चुकी है।
भारत माला परियोजना के तहत रेवसा गांव के ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। 2 दिन पूर्व एसडीएम के निर्देश पर 17 नवंबर तक मकान नहीं खाली करने पर शासन प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने का काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद गांव के सियाराम 65 वर्ष, बासमती 78 वर्ष, कलावती 73 वर्ष सहित चार लोगों की मानसिक दबाव के कारण हालत खराब हो चुकी है। जिनका इलाज कराया जा रहा है। इधर धरना पर बैठी महिलाओं ने आरोप लगाया कि हमारी जमीन का न्याय संगत और उचित मुआवजा सरकार द्वारा नहीं दिया जा रहा है।
अभी तक गांव के 10 लोगों को मुआवजा भी नहीं दिया गया है जबकि बाकी लोगों को दिया गया है वह भी उचित नहीं है। इसके साथ ही पुनर्वास पूरी तरह फेल है।जब तक हम लोगों को उचित मुआवजा बाजार दर से नहीं दिया जाएगा। तब तक हम लोग आंदोलन से हटने का काम नहीं करेंगे। जमीन अधिग्रहण के बाद रहने,खाने, रोटी,रोजगार सभी के लिए संकट गहरा रहा है। लेकिन शासन प्रशासन के लोग संवेदनहीन हो गए हैं। जिसका परिणाम है कि बेघर हो रहे सियाराम 65 वर्ष की सदमे के कारण हालत गंभीर हो गई थी एंबुलेंस को फोन करने पर भी समय से नहीं पहुंची। जिस ऑटो से अस्पताल ले जाना पड़ा।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी
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