‘अभिव्यक्ति 2025’ कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ

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डीडीयू नगर

राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर शिक्षा विभाग वसंत महिला महाविद्यालय, द्वारा ‘अभिव्यक्ति 2025’ कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह आयोजन नवप्रवेशी बी.एड. एवं एम.एड. विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने हेतु समर्पित था।

इस वर्ष प्रदर्शनी का विषय था। ’खेल आधारित शिक्षण सतत् शिक्षण को बढ़ावा देने हेतु किफायती एवं पर्यावरण के अनुकूल शिक्षणदृअधिगम सामग्री का निर्माण’। विद्यार्थियों ने प्राध्यापकों के निर्देशन में स्वनिर्मित नवीन, आकर्षक, रोचक एवं उपयोगी शिक्षण सहायक सामग्री एवं मॉडल्स के माध्यम से कक्षा शिक्षण की जीवंतता को मूर्त रूप प्रदान करने संबंधी अपनी योग्यता का विश्वास दिलाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अर्जुन सिंह भदौरिया, प्रधानाचार्य, अच्युत पटवर्धन विद्यालय, के.एफ.आई., सराय मोहाना, वाराणसी ने विद्यार्थियों के नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि “खिलौनों के माध्यम से सीखना केवल बालमन की जिज्ञासा को ही सही दिशा में पोषित नहीं करता, बल्कि शिक्षा को आनंदमय और जीवनमूल्य पर केन्द्रित भी बनाता है।”

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. अलका सिंह, प्राचार्या , वसंत महिला महाविद्यालय ने की। इस आयोजन की समन्वयक प्रो. सुजाता साहा (विभागाध्यक्ष), प्रो. आशा पांडेय, डॉ. नीलिमा सचवानी, डॉ. जूही राय एवं सुश्री स्वाति सिंह थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ जूही राय ने किया। निर्णायक मंडल में प्रो सीमा श्रीवास्तव, प्रो आम्रपाली त्रिवेदी, प्रो संजीव कुमार, प्रो विभा जोशी तथा प्रो जय सिंह शामिल थे। सभी ने मुक्त कंठ से छात्राओं के प्रयास की सराहना की। विद्यालय के छात्रों ने अनुभव साझा करते हुए सभी प्रस्तुतियों को एक से बढ़कर एक बताया। आयोजन समिति में शिक्षा विभाग के समस्त संकाय सदस्यों का सहयोग उल्लेखनीय रहा।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण अच्युत पटवर्धन विद्यालय के कक्षा आठवीं के 32 विद्यार्थियों तथा अध्यापकों की सहभागिता रही, जिन्होंने अपनी उत्सुकता और जिज्ञासा से उक्त विभाग की भावी शिक्षिका छात्राओं को सृजनात्मकता के नए  आयामों पर अंतर्दृष्टि प्रदान की। ‘अभिव्यक्ति 2025’ ने यह संदेश सफलतापूर्वक प्रेषित किया कि शिक्षा तभी सार्थक हो सकती है, जब वह जीवन से जुड़कर आनंद देती है और साथ ही पर्यावरण के साथ सामंजस्य भी स्थापित करती है। भाषा, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान, गणित तथा विज्ञान समूह की प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करनेवाली श्रेष्ठ प्रस्तुतियों को प्रमाणपत्र दिए गए।

 

 

 

रिपोर्ट – अलीम हाशमी

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