वाराणसी इधर कोई सक्रिय मौसम तंत्र नहीं होने के कारण 28 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। दक्षिणी अंडमान सागर के आस-पास मध्य क्षोभमंडल तक विस्तृत चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 24 अक्टूबर को दक्षिणी-पूर्वी एवं संलग्न पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर निम्नदाब क्षेत्र बन सकता है।
बाद में यह पश्चिम-उत्तर पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ सकता है और यदि यह प्रबल हुआ तो 29 अक्टूबर को वाराणसी समेत प्रदेश के दक्षिणी-पूर्वी भाग में कहीं-कहीं वर्षा की स्थिति भी बन सकती है।यह पूर्वानुमान है लखनऊ स्थित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के आंचलिक कार्यालय का।
कार्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डा. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि इस संबंध में मौसम तंत्र बनने के बाद समयावधि नजदीक आने पर स्थितियां और स्पष्ट हो सकेंगी।उन्होंने बताया कि आगामी 3-4 दिनों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है
जबकि अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा।फिलहाल बनारस में अधिकतम तापमान सामान्य से डेढ़ से ढाई डिग्री सेल्सियस तक अधिक चल रहा है तो न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग पांच से साढ़े छह डिग्री सेल्सियस तक अधिक है। इससे रात को भी गर्मी का आभास हो रहा है।
गुरुवार को ही बीएचयू क्षेत्र में अधिकतम तापमान सामान्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस अधिक 34 डिग्री सेल्सियस रहा तो न्यूनतम तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक 25 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह बाबतपुर क्षेत्र में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस अधिक 33.8 रहा ताे न्यूूनतम तापमान सामान्य से 4.8 डिग्री सेल्सियस अधिक 23.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इस बीच आर्द्रता 89 से 74 प्रतिशत तक बनी हुई है।










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