भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी में 15 अक्टूबर 2025 को किसान उत्पादक संगठन (एफ.पी.ओ.) संगम-25 का आयोजन ए.बी.आई. परियोजना के अंतर्गत किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बी.एल. मीणा, ए.सी.एस. (उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण) उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि यह गोष्ठी सब्जी उत्पादन में क्रांति लाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि खेती में बीज प्रतिस्थापन की दर बहुत कम है, अतः फसलों की पुरानी किस्मों को नयी किस्मों से प्रतिस्थापित करना समय की मांग है।
उन्होंने बताया कि सरकार की क्लस्टर डेवलपमेंट योजना के अंतर्गत 125 उत्कृष्ठता केन्द्र स्थापित किये गये हैं। विशिष्ठ अतिथि डॉ. डी.एस. पाण्डेय ने सब्जियों के बीज उत्पादन में राष्ट्रीय बीज निगम, भा.कृ.अनु.प. और एफ.पी.ओ. के योगदान को विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि मिर्च (काशी अनमोल) का बीज उत्पादन सिकन्दराबाद में बड़े स्तर पर कराया जा रहा है तथा मटर (काशी नंदनी, काशी उदय), लोबिया (काशी कंचन, काशी निधी), भिण्डी (काशी लालिमा), पालक (काशी बारहमासी) और सतपुतिया (काशी खुशी) का बीज उत्पादन भी किया जा रहा है।
संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने प्रतिभागियों का स्तावागत करते हुए कहा कि सब्जियों के क्षेत्रफल में 4 गुना, उत्पादकता में 3 गुना और उत्पादन में 12 गुना वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश देश के कुल सब्जी उत्पादन का 16 प्रतिशत उत्पादन कर प्रथम स्थान पर है। संस्थान ने 33 सब्जी फसलों में 129 किस्में विकसित की हैं।
उन्होंने बताया कि टमाटर (काशी तपस, काशी अदभुत) 40 डिग्री सेन्टीग्रेड पर भी अच्छी उपज देती हैं और कल्मी साग की खेती बीज से कम पानी में मई-जून में भी की जा सकती है। बैंगन (काशी उत्सव), पालक (काशी बारहमासी), सेम (काशी बौनी सेम, पंखिया सेम), गाजर (काशी कृष्ण) और बासमती सुगंध वाली नेनुआ का बीज उत्पादन एफ.पी.ओ. के लिये अधिक लाभकारी होगा।
अमित जयसवाल, उप-निदेशक (कृषि), वाराणसी ने कहा कि 95 प्रतिशत किसानों की जोत 1 प्रतिशत से भी कम है, अतः एफ.पी.ओ. को शक्ति पोर्टल से जुड़कर सी.एस.आर. फण्ड का लाभ लेने की आवश्यकता है। सुभाष कुमार, जिला उद्यान अधिकारी, वाराणसी ने बताया कि सरकार सब्जियों और मसाला फसलों के बीज उत्पादन हेतु रू. 24,000 प्रति हेक्टेयर तक सब्सिडी देती है।
दो तकनीकी सत्रों का आयोजन हुआ जिसमें डॉ. नीरज सिंह, डॉ. विकास सिंह, डॉ. पी.एम. सिंह, डॉ. अर्चना सान्याल और डॉ. सुदर्शन मौर्य ने बीज उत्पादन, प्रमाणीकरण और व्यवसायिकरण पर व्याख्यान दिया। इस अवसर पर 110 एफ.पी.ओ. के निदेशकों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा 2 नये एफ.पी.ओ. ने संस्थान के साथ सब्जी बीज उत्पादन के लिए अनुबंध किये। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीरज सिंह ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अनन्त बहादुर ने किया।










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