वाराणसी काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) स्थित क्षेत्रीय नेत्र संस्थान का 7वां स्थापना दिवस रविवार को उल्लासपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर नेत्र रोगों के कारणों, उनके आधुनिक उपचार और रोकथाम पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में चिकित्सा जगत के कई दिग्गज विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, रायबरेली के पूर्व विधायक एवं स्व. ठाकुर रतनपाल सिंह के सुपुत्र सुरेंद्र बहादुर सिंह ने मरीजों की सुविधा को देखते हुए एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने संस्थान के लिए अत्याधुनिक रेटिना सर्जरी मशीन खरीदने हेतु 30 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस घोषणा से उपस्थित चिकित्सा कर्मियों और मरीजों में उत्साह का माहौल देखा गया।
विभागाध्यक्ष प्रो. आर.पी. मौर्य ने कहा कि इस नई मशीन के आने से रेटिना से जुड़ी जटिल सर्जरी और उपचार की प्रक्रिया अत्यंत सुगम हो जाएगी। इससे वाराणसी ही नहीं, पूरे पूर्वांचल के मरीजों को बेहतर और समय पर उपचार मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि संस्थान की स्थापना के बाद से यहां प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों की जांच और उपचार किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर आंखों की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी प्रगति हुई है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सुरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि आईएमएस बीएचयू का नेत्र संस्थान आज पूर्वांचल के लाखों लोगों के लिए जीवनरेखा बन चुका है। एक ही परिसर में जांच, परामर्श और सर्जरी जैसी सुविधाएं मिलने से मरीजों को काफी राहत मिली है।
आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एस.एन. संखवार ने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के चिकित्सक और शोधकर्ता लगातार नेत्र चिकित्सा को नई दिशा दे रहे हैं। इस अवसर पर लीलावती हॉस्पिटल, मुंबई के प्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सुनील मोरेकर, डॉ. एस.पी. सिंह, डॉ. राकेश शाक्य और डॉ. दिवाकांत मिश्रा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. आर.पी. मौर्य ने किया।










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