पराधीनता सपने में भी सुख नहीं देती, छत्रपति शिवाजी महाराज ने इसे अस्वीकार किया।”- मा.राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल जी

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आगरा, 6.10.2025.हिमाचल प्रदेश के मा.राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल ने” जाणता राजा महानाट्य’ के तीसरे दिन बारिश प्रभावित सत्र में संबोधित करते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज की दृढ़ता को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक आशीष गौतम, आरएसएस के श्री हरीश रौतेला, साधना श्री, भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला, डॉ. आरपीएन सिंह एवं पूर्व कुलपति डॉ. सुरेंद्र दुबे जी की गरिमामई उपस्थिति में उन्होंने स्वयंसेवक जीवन के बारे में, बताया कि”राजनीतिक ऊंचाई-गिरावट आती है, लेकिन अहंकार न हो, साहस बरकरार रहे।

स्वयंसेवक किसी क्षेत्र में दृढ़ता से कार्य करता है।”शिवाजी के आगरा किले से फल-मिठाई टोकरी में बैठकर निकलने की गाथा पर कहा, “यह विचारधारा का प्रतिपादन सिखाता है। पराधीनता सपने में भी सुख नहीं देती—शिवाजी ने इसे अस्वीकार किया।” वाणी संयम पर विचार रखते हुए कहा कि”हेट स्पीच पर संविधान धारा 19(1) अधिकार देती है, वहीं 19(2) संयम की मांग करती है। अटल बिहारी वाजपेयी विपक्षी होते हुए विदेश में भारत का यशोगान किया, सभी राष्ट्र प्रथम की सोच अपनाएं।

मा. राज्यपाल महोदय ने”अनुच्छेद 370 हटाने का जिक्र करते हुए इसकी सराहना की, उन्होंने धारा 370 के बारे में बताते हुए कहा कि, यह आदेश द्वारा जोड़ी गई थी, सभी से आह्वान किया हम जड़ता छोड़ें, भारत माता जीवंत मां है।”मिशन को सराहते हुए कहा, “पीएम मोदी ने संसद में कहा—सेवा देखनी हो तो आशीष गौतम से मिलें। पत्ते पर भोजन से शुरू होकर आज पराकाष्ठा पर पहुंचा, बिना सरकारी सहायताके सेवा में मेवा मिलता है—श्रद्धा से समूह उमड़ आता है।” उन्होंने समापन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि”सेवा से जुड़ें—यह सबसे बड़ी तपस्या है। स्वयंसेवक या सेवा पराकाष्ठा वाले ही ऐसा कर सकते हैं।

 

रिपोर्ट – अखिलेश यादव

 

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