यूपी में कॉर्पोरेट पुनर्गठन पर पहली बार लगेगा स्टाम्प शुल्क: मर्जर और डीमर्जर का प्रस्ताव तैयार

Picture of voiceofshaurya@gmail.com

voiceofshaurya@gmail.com

FOLLOW US:

Share

उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में कॉर्पोरेट सौदों, मर्जर और डीमर्जर को लेकर पहली बार एक स्पष्ट स्टाम्प शुल्क व्यवस्था लागू करने जा रही है।

प्रमुख बिंदु:

कानूनी संशोधन: भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की धारा 2(10) और अनुसूची-1 (ख) के प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे जल्द कैबिनेट में पेश किया जाएगा।

स्टाम्प शुल्क का आधार: शुल्क का निर्धारण दो में से जो भी अधिक होगा, उसके अनुसार किया जाएगा:

यूपी में स्थित अचल संपत्ति के मूल्य पर निर्धारित प्रतिशत, या
शेयर मूल्य एवं प्रतिफल (consideration) का 0.5%

राजस्व और प्रभाव: * इस कदम से राज्य के राजस्व में सालाना लगभग ₹1,000 करोड़ का अतिरिक्त योगदान मिलने की उम्मीद है।
इसका उद्देश्य कॉर्पोरेट सौदों में कानूनी अनिश्चितता और मुकदमों को कम करना तथा व्यापार में पारदर्शिता लाना है।

लागू होने की तिथि: कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह व्यवस्था अधिसूचना की तिथि से प्रभावी होगी।

अन्य राज्यों की तर्ज पर बदलाव: यह प्रस्ताव महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और राजस्थान जैसे राज्यों की प्रचलित व्यवस्थाओं के अध्ययन के बाद तैयार किया गया है।

 

रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई