मीरजापुर विंध्याचल
बुधवार सुबह करीब 11 बजे दीवान घाट पर स्नान करते समय तीन लोग गहरे पानी में जाने से डूबने लगे। स्थानीय नाविकों और दुकानदारों ने साड़ी और बांस की मदद से दो लोगों की जान बचा ली, जबकि एक युवक डूब गया। लापता युवक की तलाश में गोताखोर और एसडीआरएफ की टीम जुटी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 वर्षीय अश्वनी उर्फ अक्कू पुत्र हिंछ लाल अपनी मां निहाला देवी और दो भाइयों के साथ मामा के परिवार संग विंध्याचल दर्शन-पूजन के लिए आया था।
कुल 22 लोग एक पिकअप और बाइकों से आए थे। सभी लोग वाहन स्टैंड में खड़ा कर दीवान घाट पर स्नान करने गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अश्वनी बार-बार बैरिकेडिंग पार कर गहरे पानी में नहा रहा था। परिजनों और नाविकों के मना करने पर वह एक बार बाहर आया, लेकिन फिर दोबारा कूद गया। बैरिकेडिंग पार करते ही वह तेज बहाव में बहकर डूबने लगा।
उसे डूबता देख संगीता देवी अपने छह वर्षीय बेटे चंदन के साथ उसे बचाने गईं, लेकिन दोनों भी डूबने लगे। यह देख नाविक फौजदार निषाद और दुकानदार सूरज साहनी ने तत्परता दिखाते हुए बांस और साड़ी उनकी ओर फेंकी। संगीता देवी ने साड़ी पकड़ ली और बेटे समेत सुरक्षित बाहर आ गईं। लेकिन अश्वनी गहरे पानी में चला गया और उसे बचाया नहीं जा सका।
बताया जाता है कि अश्वनी के मामा परिवार सहित दर्शन के लिए आ रहे थे और उन्होंने अपनी बहन निहाला देवी को भी बुलाया था। निहाला देवी के पति हिंछ लाल घर पर थे। अश्वनी घर का बड़ा बेटा था और किसी निजी कंपनी में काम करता था।
घाट पर मौजूद नाविकों ने बताया कि बैरिकेडिंग एक घाट से दूसरे घाट तक लगी है। बीच में नाव खड़ी करने की जगह न होने से उस हिस्से पर नजर रखना मुश्किल होता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एसडीआरएफ की ड्यूटी भी इसी घाट पर थी, लेकिन टीम घटना के काफी देर बाद पहुंची। दो लोगों की जान नाविकों ने ही बचाई।
सूचना पर धाम चौकी प्रभारी अजय कुमार मिश्र पुलिस बल के साथ साथ गोताखोरों और एसडीआरएफ टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीआरफ स्टीमर को तेज चला कर लहर उठा रहें थे ताकि युवक पानी से बाहर आ जाए गोताखोरों ने गहरे पानी के अंदर जाकर खोज रहे थे। खबर लिखे जाने तक लापता युवक का पता नहीं चल सका था। तलाश जारी है।











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