5.5 करोड़ की बेन-धरौली आदर्श नहर परियोजना पर किसानों का फूटा गुस्सा

Picture of voiceofshaurya@gmail.com

voiceofshaurya@gmail.com

FOLLOW US:

Share

इलिया (चंदौली)

इलिया क्षेत्र में लगभग 5 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन बेन-धरौली आदर्श नहर परियोजना को लेकर किसानों की नाराजगी सामने आई है। किसान विकास मंच ने किसानों के साथ नहर का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्य में हो रही देरी और विभिन्न खामियों पर गंभीर चिंता जताई है।

किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह के नेतृत्व में खखड़ा, बटौवा, खिलची, जंगलपुर, समदा पुल और बेन-तियरी तक नहर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संभाल रही शिवशक्ति कंस्ट्रक्शन की कार्य गति बेहद धीमी है। पिछले दो वर्षों से गर्मी के मौसम में कार्य चल रहा है, जबकि नवंबर माह में भी कुछ काम हुआ था, बावजूद इसके अभी भी परियोजना का बड़ा हिस्सा अधूरा पड़ा हुआ है।

निरीक्षण में पाया गया कि आदर्श नहर की प्रमुख शर्तों में शामिल पूर्वी पटरी पर दो मीटर चौड़ा टॉप अब तक नहीं बनाया जा सका है। वहीं खिलची, खेतयीपुर और समदा पुल के पास पूर्वी पटरी पर खड़े पेड़ और झाड़ियां निर्माण कार्य में बाधा बनी हुई हैं। किसानों का कहना है कि इन पेड़ों को उन्होंने नहीं लगाया है और वन विभाग की कार्रवाई के डर से उन्हें काट भी नहीं सकते।

संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता को बताया कि पेड़ों की घनी छाया के कारण खेत लंबे समय तक गीले रहते हैं, जिससे धान की कटाई, रोपाई तथा चना, मसूर और मटर जैसी फसलों की खेती प्रभावित होती है। इसके अलावा पटरी पर पैदल चलना, बाइक या ट्रैक्टर ले जाना भी मुश्किल हो गया है। किसानों ने मांग की कि पटरी पर मौजूद पेड़ और झाड़ियां हटाई जाएं, ताकि निर्माण कार्य पूरा हो सके और किसानों को राहत मिल सके।

किसान विकास मंच ने सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की मांग भी उठाई। किसानों के अनुसार खखड़ा में छह इंच के कुलावों की संख्या बढ़ाना जरूरी है, जबकि बटौवा फाल पर एक और जंगलपुर फाल पर भुड़कुड़ा क्षेत्र की सिंचाई के लिए दो अतिरिक्त छह इंच के कुलावे लगाए जाने चाहिए।

इसके अलावा मंच ने सिंचाई विभाग को अवगत कराया कि बटौवा से खखड़ा तक का इलाका बरसात में जलभराव और बाढ़ की समस्या से जूझता है। ऐसे में बाढ़ निकासी के कुलावों को प्रभावी और दुरुस्त बनाना अत्यंत आवश्यक है, तभी किसानों की खेती सुरक्षित रह सकेगी।

राम अवध सिंह ने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है, लेकिन यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो किसान विकास मंच किसानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन शुरू करेगा।

निरीक्षण के दौरान प्रदीप कुमार सिंह, शुभम सिंह, रामसरन प्रसाद, अमित कुमार समेत कई किसान मौजूद रहे।

 

रिपोर्ट – आलिम हाशमी

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई