जौनपुर,
मेहनत, संघर्ष और समाज के प्रति समर्पण की मिसाल पेश करते हुए पत्रकारिता जगत से जुड़े युवा कर्मठ व्यक्तित्व सुरेश कुमार शर्मा को हिमालय परिवार संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एक साधारण परिवार से निकलकर सीमित संसाधनों और संघर्षों के बीच आगे बढ़ते हुए सुरेश कुमार शर्मा ने अपनी लेखनी, ईमानदारी और समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के बल पर अपनी अलग पहचान बनाई है। आज भी संघर्षों के बीच किराए के छोटे से मकान में रहकर अपने सपनों को संजोने वाला यह युवा समाज सेवा और संगठन के बड़े दायित्व की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है।
देशभर के पत्रकार साथियों, मित्रों, शुभचिंतकों और समाज के लोगों से मिले विश्वास एवं आशीर्वाद के बाद सुरेश कुमार शर्मा को हिमालय परिवार में काशी प्रांतीय मंत्री एवं जनपद सुल्तानपुर प्रभारी का दायित्व प्रदान किया गया है।
यह जिम्मेदारी उन्हें हिमालय परिवार के वरिष्ठ मार्गदर्शक एवं संस्थापक संरक्षक डॉ. इन्द्रेश कुमार जी तथा हिमालय परिवार काशी प्रांत अध्यक्ष अविनाश उपाध्याय के मार्गदर्शन में प्रदान की गई।
अपने जीवन के संघर्षों को याद करते हुए सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि लगभग 16 वर्ष पहले उन्होंने जिन लोगों को अपना परिवार समझकर पूरा विश्वास और सहयोग दिया, उनके सुख-दुख को अपना समझा और उन्हें अपना मार्गदर्शक मानकर जीवन में स्थान दिया, वह रिश्ता उनके लिए हमेशा भावनाओं और विश्वास पर आधारित रहा।
उन्होंने कहा कि जीवन में कुछ ऐसे कठिन दौर भी आए, जिन्होंने मन को गहरी पीड़ा दी। अपनों के बीच हुए दुखद अनुभवों और परिस्थितियों ने बहुत कुछ सिखाया। लेकिन उन्होंने कभी नकारात्मकता को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और अपने कर्म, धैर्य और ईमानदारी के रास्ते पर चलते रहे।
सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि इंसान की असली पहचान उसके व्यवहार, उसके कर्म और कठिन समय में उसके धैर्य से होती है। रिश्ते विश्वास से बनते हैं। और विश्वास ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होती है।
उन्होंने आगे कहा कि यह नई जिम्मेदारी उनके लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि समाज सेवा, संगठन विस्तार और राष्ट्रहित के कार्यों को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प है। जिस विश्वास के साथ उन्हें यह दायित्व दिया गया है। उसे वह पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने सभी पत्रकार साथियों, शुभचिंतकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों का विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
संघर्षों से निकलकर जिम्मेदारी के इस मुकाम तक पहुंचना यह संदेश देता है। कि मेहनत, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ व्यक्ति अपने जीवन की कठिन परिस्थितियों को पार कर समाज में अपनी पहचान बना सकता है।











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