चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में कोर्ट ने डीजीपी को आदेश जारी किया है। कहा कि पुलिस कमिश्नर लखनऊ पर 10 दिन में कार्रवाई करें। एनआई एक्ट केस में आरोपी की गिरफ्तारी में लापरवाही का मामला है।
यूपी के सुल्तानपुर में चेक बाउंस से जुड़े मामले में आदेश के लंबे समय बाद भी आरोपी रजनीश शर्मा की गिरफ्तारी व जारी कार्रवाई पर आख्या देने में लापरवाही बरतने पर पुलिस कमिश्नर, लखनऊ के खिलाफ कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतीक आर्या की कोर्ट ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर पुलिस कमिश्नर लखनऊ के खिलाफ 10 दिन के भीतर कार्रवाई करने व आरोपी के खिलाफ जारी कार्यवाही का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस महानिदेशक को आदेश जारी किया है।
कोर्ट ने निर्धारित समय सीमा में आदेश का पालन नहीं होने पर मामला हाईकोर्ट को संदर्भित करने की चेतावनी भी दी है। अगली सुनवाई के लिए 26 जून की तारीख तय की गई है। कोतवाली नगर के ओमनगर के रहने वाले परिवादी आदर्श मिश्रा ने आठ मार्च साल 2019 को अदालत में एनआई एक्ट का मुकदमा पेश किया था। परिवादी के आरोप के मुताबिक लखनऊ के कृष्णा नगर थाने के मानस नगर निवासी आरोपी रजनीश शर्मा ने जमीन दिलाने के नाम पर उनसे 3.75 लाख रुपये ले लिए थे।
आरोप है कि रजनीश ने जमीन नहीं दी। पैसा वापस मांगने पर आरोपी ने परिवादी आदर्श मिश्र को 3.75 लाख का चेक दिया था, जो बाउंस हो गया। पैसा न मिलने पर उन्होंने अदालत की शरण ली। कोर्ट ने आरोपी को एनआई एक्ट के केस में तीन अगस्त 2019 को सुनवाई के लिए तलब करने का आदेश दिया था। इसके बाद आरोपी हाजिर नहीं हुआ तो अदालत ने सात अप्रैल 2022 को गैर जमानती वारंट का आदेश जारी दिया।
परिवादी की याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए गत 26 अगस्त को छह माह के भीतर मामले का निस्तारण करने का निर्देश मजिस्ट्रेट कोर्ट को जारी किया था। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए पुलिस कमिश्नर लखनऊ को आरोपी रजनीश शर्मा की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई का निर्देश दिया था, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है।










Users Today : 1
Users This Year : 23792
Total Users : 36385
Views Today : 1
Total views : 71498