सकलडीहा चंदौली
‘स्वच्छ भारत मिशन’ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं चंदौली जिले के सकलडीहा तहसील और विकास खंड में पूरी तरह बेअसर साबित हो रही हैं। वर्तमान में सकलडीहा तहसील परिसर, स्थानीय बाजार और आस-पास के क्षेत्र गंदगी के हब बन चुके हैं। जगह-जगह लगे कूड़े के विशाल अंबार और उससे उठती तीखी दुर्गंध के कारण स्थानीय निवासियों, दुकानदारों, अधिवक्ताओं तथा दूर-दराज से आने वाले फरियादियों का जीना दूभर हो गया है।
स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों का आरोप है कि इस विकट समस्या को लेकर तहसीलदार, उपजिलाधिकारी (SDM) व खण्ड विकास अधिकारी (BDO) सकलडीहा को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद भी स्थानीय प्रशासन की नींद नहीं टूट रही है।

अधिकारियों द्वारा मामले को ठंडे बस्ते में डाल देने से ऐसा प्रतीत होता है कि ज़िम्मेदार अधिकारियों ने जनता की समस्याओं से पूरी तरह मुंह मोड़ लिया है। सफाई व्यवस्था ध्वस्त होने से अधिवक्ताओं के चैंबर से लेकर अधिवक्ता भवन और मुख्य कार्यालयों के सामने कचरा बिखरा पड़ा है। भीषण गर्मी और उमस के इस मौसम में सड़ते हुए कचरे के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा चरम पर है।
तहसील और ब्लॉक आने वाले ग्रामीण और वादकारी इसी गंदगी और बदबू के बीच से गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही और उदासीनता को देखते हुए अब पीड़ित जनता की आखिरी उम्मीद जिलाधिकारी पर टिकी हुई है। जनता में यह कौतूहल और चर्चा का विषय बना हुआ है कि शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले मातहत अधिकारियों लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ ज़िलाधिकारी क्या दंडात्मक कार्रवाई करते हैं।
क्षेत्र की जनता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि तहसील परिसर और कस्बे में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाकर कचरों का निस्तारण कराया जाए और जनता को इस नरकीय स्थिति से मुक्ति दिलाई जाए।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी









Users Today : 81
Users This Year : 23777
Total Users : 36370
Views Today : 214
Total views : 71480