राजातालाब।
आराजी लाइन विकासखंड क्षेत्र के शाहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा बुधवार को उर्वरक जागरूकता अभियान के अंतर्गत ग्राम धनापुर, पनियरा में ‘संतुलित उर्वरक उपयोग एवं जैविक खेती’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग, जैविक विकल्पों के महत्व तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के वैज्ञानिक उपायों के प्रति जागरूक करना था।इस कार्यक्रम का नेतृत्व टीम लीडर डॉ. त्रिभुवन चौबे द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में सदस्य के रूप में डॉ. केशव गौतम एवं डॉ. श्रेया पंवार उपस्थित रहे तथा किसानों को वैज्ञानिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान की।कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों को जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट एवं सूक्ष्मजीव आधारित जैव उर्वरकों के उपयोग तथा उनके दीर्घकालिक लाभों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। डॉ. त्रिभुवन चौबे ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं समन्वित पोषण प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संतुलित उर्वरक उपयोग से फसल उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ भूमि की उर्वराशक्ति भी बनी रहती है।
डॉ. केशव गौतम ने किसानों को ट्राइकोडर्मा एवं अन्य जैव उर्वरकों के महत्वता एवं उपयोग की विधियों के बारे में जानकारी दी तथा बताया कि इनका प्रयोग फसलों को विभिन्न रोगों से बचाने एवं रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में सहायक है, वहीं डॉ. श्रेया पंवार ने किसानों को जैविक खेती एवं उपज की गुणवत्ता के मानव स्वास्थ पर प्रभाव की जानकारी दी।कार्यक्रम के अंतर्गत किसान-वैज्ञानिक संवाद सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
इस कार्यक्रम में प्रधान चंद्रजीत यादव के साथ कुल 107 किसानों ने सहभागिता की जिनमें 68 महिला एवं 39 पुरुष किसान शामिल रहे। उपस्थित किसानों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।










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