बाल श्रम मुक्त कराये जाने हेतु जिलाधिकारी ने बैठक कर दिया आवश्यक दिशा निर्देश

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मीरजापुर।

जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद मीरजापुर को बाल श्रम से 2027 तक मुक्त किये जाने हेतु जिला टास्क फोर्स समिति (बाल श्रम उन्मूलन एवं पुर्नवासन) की कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा श्रम विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, महिला कल्याण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय विकास विभाग समाज कल्याण विभाग, पुलिस / ए०एच०टी०यू० विभाग, स्वयं सेवी संस्था आस्था महिला एवं बाल विकास संस्था एवं नियोक्ता संगठनों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गयी। बाल श्रम के कारणों तथा निवारण पर विस्तार से चर्चा की गयी तथा इस बात पर ध्यान दिया गया

कि बाल श्रम में चिहिंत बच्चों का शैक्षिक पुर्नवासन तथा उनके माता पिता का आर्थिक पुर्नवासन आवश्यक रूप से कराया जाये। इसके अतिरिक्त बेसिक शिक्षा विभाग को बाल श्रम में चिन्हित बच्चों का शैक्षिक पुर्नवासन तथा ड्राप आउट बच्चों की सूची श्रम विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिये गये तथा चिकित्सा विभाग को 14 वर्ष से कम आयु के चिन्हित बाल श्रमिकों का 24 घण्टे के भीतर आयु परीक्षण और स्वास्थ्य जांच किये जाने हेतु सहयोग प्रदान किये जाने के निर्देश दिये गये।

ग्रामीण विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग को चिन्हित बाल श्रमिकों को विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से लाभान्वित किये जाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी द्वारा 44 दिवसीय अभियान का भी शुभारम्भ करते हुये बैठक में उपस्थित सदस्यों द्वारा बाल श्रम उन्मूलन की रोकथाम हेतु शपथ भी दिलाया गया।

बैठक में प्रमुख रूप से श्रम विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, महिला कल्याण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, ए०एच०टी०यू०/पुलिस, स्वयं सेवा संस्था आस्था महिला एवं बाल विकास संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।

 

रिपोर्ट भोलानाथ यादव

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