गाजीपुर, 20 मई 2026
जनपद के सीमावर्ती क्षेत्र कैंथी धाम घाट पर बुधवार को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) द्वारा व्यापक मॉक ड्रिल एवं मोबिलाइजेशन अभ्यास आयोजित किया गया।
इस अभ्यास का उद्देश्य प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों में टीमों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, समन्वय एवं तैयारियों का आकलन करना था।
एनडीआरएफ के उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के निर्देशन में उत्तर प्रदेश के वाराणसी, गाजीपुर, मिर्जापुर, जौनपुर, लखनऊ, गोरखपुर, प्रतापगढ़ तथा मध्य प्रदेश के विदिशा एवं भोपाल सहित संवेदनशील क्षेत्रों में यह अभ्यास कराया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान नदी में नाव डूबना, नावों की टक्कर, रासायनिक एवं जैविक आपदाएं, भूकंप तथा भवन ध्वस्त होने जैसी परिस्थितियों का सजीव अभ्यास किया गया। एनडीआरएफ की विशेषीकृत फ्लड वाटर रेस्क्यू, कॉलैप्स्ड स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू तथा केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर (सीबीआरएन) टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान में भाग लिया।
अभ्यास के दौरान एनडीआरएफ टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर ऑपरेशन बेस स्थापित किया और आधुनिक उपकरणों की सहायता से घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। चिकित्सा टीम द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को बेहतर इलाज हेतु अस्पताल भेजा गया।
पूरे अभियान के दौरान इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया।
इस दौरान जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस, जल पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया। संयुक्त समीक्षा बैठक में भविष्य में आपदा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में जोखिम को कम करना एनडीआरएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि इस मोबिलाइजेशन ड्रिल एवं मॉक अभ्यास में एनडीआरएफ की 12 टीमों को तैनात किया गया था, जो अत्याधुनिक राहत एवं बचाव उपकरणों से लैस हैं।
जनपद गाजीपुर की ओर से तहसीलदार सैदपुर हिमांशु सिंह तथा आपदा विशेषज्ञ अशोक राय ने भी अभ्यास में सहभागिता की।











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