कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं मान रही इलियां पुलिस? स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की जमीन पर बढ़ा विवाद, फायरिंग और धमकी के आरोप से मचा हड़कंप

Picture of voiceofshaurya@gmail.com

voiceofshaurya@gmail.com

FOLLOW US:

Share

चंदौली ,

जिले के थाना इलियां क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है। जिसने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय विद्यासागर की वर्षों पुरानी घरौनी और आबादी की जमीन को लेकर चल रहे विवाद में कोर्ट के आदेश के बावजूद पुलिस की निष्क्रियता और पक्षपातपूर्ण रवैये के आरोप लग रहे हैं।

पीड़ित पक्ष का आरोप है। कि लगभग 50 वर्षों से ग्राम ओलीपुर स्थित जिस जमीन और घरौनी पर उनका कब्जा और निवास रहा है। उस पर 18 वर्षों तक मुकदमा चला और न्यायालय द्वारा “लॉ एंड ऑर्डर” बनाए रखने का आदेश भी जारी किया गया, लेकिन इसके बावजूद इलियां थाना पुलिस मामले को गंभीरता से लेने को तैयार नहीं है।

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है। कि जब कोर्ट का आदेश मौजूद है। पर्याप्त साक्ष्य पुलिस को सौंपे जा चुके हैं। तब भी आखिर पुलिस कार्रवाई करने से क्यों बच रही है।

पीड़ित पक्ष का कहना है। कि जब मीडिया ने थाना प्रभारी से सवाल पूछा तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि आप लोगों को कुछ मालूम नहीं है। वह जमीन विद्यासागर ने विपक्षी सुरेंद्र दत्त की पत्नी को गिफ्ट में दी थी। जबकि पीड़ित पक्ष का दावा है। कि इस संबंध में कोई वैध साक्ष्य सामने नहीं लाया गया।

रात में फायरिंग, फिर भी नहीं दर्ज हुआ मुकदमा!

मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब 28 अप्रैल की रात लगभग 12 बजे जमीन की देखरेख कर रहे मंगल मौर्य पर दबंगों द्वारा कथित रूप से कट्टे से फायरिंग किए जाने का आरोप लगा। पीड़ित पक्ष का कहना है। कि घटना की तहरीर पुलिस को दी गई, लेकिन मुकदमा तक दर्ज नहीं किया गया।

आरोप है। कि पुलिस ने पूरे मामले को झूठा करार देते हुए कार्रवाई से हाथ खड़े कर दिए, जबकि घटना की खबर मीडिया में भी प्रकाशित हुई।

पिलर तोड़े गए, निर्माण रोका गया, पुलिस बनी मूकदर्शक।

पीड़ितों का आरोप है। कि कोर्ट के आदेश के बावजूद कुछ लोगों द्वारा घरौनी के पिलर तोड़ दिए गए। जब जमीन के देखरेख करने वाले लोग दोबारा निर्माण कराने पहुंचे तो पुलिस ने रोक दिया और कहा कि “इस जमीन पर कोई काम नहीं होगा, मुकदमा चल रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है। कि यदि मुकदमा विचाराधीन था तो विपक्ष द्वारा पिलर तोड़ने और कब्जा करने की कोशिश पर पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की

धमकियों से दहशत का माहौल

विद्यासागर के पुत्र सुरेंद्र दत्त, उनके रिश्तेदार समीर तिवारी और वर्षों से संपत्ति की देखरेख कर रहे मंगल मौर्य को कथित रूप से जान से मारने और गांव छोड़ने की धमकियां भी दी जा रही हैं।

मंगल मौर्य का कहना है। कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से इस संपत्ति की देखरेख करता आया है। और आज भी अमरेंद्र शुक्ल के संरक्षण में वहां कार्य कर रहा है।

अब प्रशासन की परीक्षा

पूरा मामला अब पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता और कानून व्यवस्था पर सवाल बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है। कि यदि समय रहते प्रशासन ने दोनों पक्षों को बुलाकर निष्पक्ष समाधान नहीं कराया तो कभी भी बड़ी घटना हो सकती है।

जनता और पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और शासन से मांग की है। कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिवार को न्याय दिलाया जाए।

अब देखना यह होगा कि इलियां थाना प्रभारी इस मामले में कानून और न्याय का पालन कराते हैं। या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

 

रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई