नई दिल्ली:
जबलपुर अधिकारियों ने बताया कि बोट में चालक दल के सदस्यों सहित करीब 43 यात्री सवार थे। अचानक आए एक तेज और भयंकर तूफान की चपेट में आने से बोट पलट गई। शाम करीब 6 बजे मौसम अचानक बदल गया। हवा की रफ्तार 60-70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे बांध में पानी काफी अशांत हो गया। अधिकारियों ने बताया कि तेज हवाओं के कारण बोट का संतुलन बिगड़ गया,
जिससे वह बेकाबू होकर पलट गई।गुरुवार देर रात तक खोज और बचाव अभियान जारी रहा। इस काम के लिए घटनास्थल पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रबंधन इकाइयों और स्थानीय प्रशासन की टीमों को तैनात किया गया था। शुक्रवार को कुछ और शव बरामद होने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई।
कई जीवित बचे लोगों ने सुरक्षा उपायों में कमियों का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि लाइफ जैकेट तभी बांटी गईं जब क्रूज डूबने लगा था। एक जीवित बचे व्यक्ति जूलियस ने कहा, “यात्रा के दौरान सुरक्षा के कोई भी उपाय दिखाई नहीं दे रहे थे। जब क्रूज डूबने लगा तो अफरा-तफरी मच गई और तभी लाइफ जैकेट बांटी गईं।” एक अन्य चश्मदीद, सम्राट ने बताया कि क्रूज पलटने से पहले ही तेज हवाएं चल रही थीं।
उन्होंने कहा, “हमने क्रूज चलाने वाले से वापस लौटने को कहा, लेकिन उसने हमारी बात नहीं सुनी। क्रूज बांध के बीच में ही पलट गया। हम लगभग 15-16 लोगों को बचाने में कामयाब रहे।” मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को कहा कि बचाव अभियान युद्धस्तर पर चल रहे हैं और उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिजनों के लिए 4 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है और इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं।









Users Today : 0
Users This Year : 13171
Total Users : 25764
Views Today :
Total views : 51082