“सरकार का नया तोहफा: फ्री अंधेरा और मजबूरी में ‘वाटर सेविंग’ योजना”

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चंदौली धीना

अमड़ा विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले धीना थाना समेत कई गांवों में पिछले 48 घंटे से बिजली गायब है। हालांकि विभाग की तरफ से इसे “प्राकृतिक आपदा से निपटने का अभ्यास” भी माना जा सकता है, जिसमें जनता को अंधेरे में रहने की ट्रेनिंग दी जा रही है।

आंधी-पानी ने ऐसा कमाल दिखाया कि पेड़, तार और पोल सब एक-दूसरे से मिलने को आतुर हो गए। नतीजा यह हुआ कि बिजली ने भी मौका देखकर छुट्टी ले ली। धीना थाना परिसर भी इस “विशेष अंधकार योजना” से अछूता नहीं रहा, जहां पुलिसकर्मी अब फाइलें कम और मोबाइल की टॉर्च ज्यादा चला रहे हैं।

गांवों में हाल यह है कि रात होते ही पूरा इलाका “ब्लैकआउट जोन” में तब्दील हो जाता है। वहीं पानी की समस्या ने भी नया रूप ले लिया है—बिजली नहीं तो मोटर नहीं, और मोटर नहीं तो पानी नहीं। ऐसे में लोग अब “पानी बचाओ” अभियान को मजबूरी में अपनाने लगे हैं।

स्थानीय लोग लगातार बिजली बहाल करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन हालात देखकर ऐसा लग रहा है कि विभाग शायद अंधेरे को ही स्थायी समाधान मान चुका है।


रिपोर्ट – अलीम हाशमी

 

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