मुगलसराय में बुलडोजर कार्रवाई, व्यापारियों का विरोध,बिना पैमाइश दुकानें तोड़ने का आरोप, आक्रोशित व्यापारी

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चन्दौली

चन्दौली मुगलसराय के वीआईपी गेट क्षेत्र में शुक्रवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में स्थानीय दुकानदारों ने भारी आक्रोश व्यक्त किया। व्यापारियों का आरोप है कि बिना उचित पैमाइश और पूर्व सहमति के उनकी दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया।

व्यापारियों के अनुसार, प्रशासन ने पहले 52 फीट की पैमाइश का उल्लेख किया था, जिसे बाद में 48 फीट कर दिया गया। व्यापारी इस 48 फीट की सीमा पर सहमत हो गए थे, क्योंकि इस दायरे में उनकी दुकानें सुरक्षित थीं। हालांकि, उनका आरोप है कि प्रशासन ने तय सीमा से आगे बढ़कर उनकी पूरी दुकानों को गिरा दिया।

दुकानदारों ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने पीडब्ल्यूडी (PWD) की जमीन बताकर बिना सही नाप-जोख के ही बुलडोजर चला दिया। दक्षिण पटरी क्षेत्र के व्यापारियों का कहना है कि उन्हें अचानक यह कहकर दुकानें गिराने का आदेश दिया गया कि यह पूरी जमीन पीडब्ल्यूडी की है और सभी निर्माण अवैध हैं।

दुकानदारों ने प्रशासन पर भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एक ही जमीन पर बने कुछ निर्माणों को छोड़ दिया गया, जबकि उनकी दुकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। व्यापारियों ने इस कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

कई दुकानदारों ने बताया कि उनकी दुकानें वर्षों पुरानी थीं और यही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन थीं। बिना पूर्व सूचना और स्पष्ट मापदंड के की गई इस कार्रवाई से वे गंभीर आर्थिक संकट में आ गए हैं।

नाराज व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे चक्का जाम और बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उनकी मुख्य मांगें हैं कि या तो सभी अतिक्रमणों पर समान कार्रवाई की जाए, या जिनकी दुकानें गलत तरीके से तोड़ी गई हैं, उन्हें दोबारा बनवाया जाए।

इस संबंध में प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध अतिक्रमण हटाने और वीआईपी गेट क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए की जा रही है।

 

रिपोर्ट – अलीम हाशमी

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