– ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत नगर निगम की बड़ी कार्रवाई; बल्क वेस्ट जनरेटरों को खुद करना होगा गीले कचरे का निस्तारण
वाराणसी: स्वच्छता के प्रति संजीदगी दिखाते हुए वाराणसी नगर निगम ने शहर के उन होटल और रेस्टोरेंट संचालकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है, जो कचरा निस्तारण के नियमों को नजरअंदाज कर रहे हैं। बेहतर तरीके से कचरा प्रबंधन न करने के आरोप में कुल 490 संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निगम ने इन संचालकों को केवल तीन दिन का समय दिया है ताकि वे अपने स्तर पर निस्तारण की ठोस व्यवस्था कर सकें।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का सख्ती से पालन
अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल 2026 से लागू हुए ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026’ के तहत अब बड़ी मात्रा में कचरा पैदा करने वाले संस्थानों को अनिवार्य रूप से गीले कचरे का प्रसंस्करण खुद करना होगा। नियमों की अनदेखी करने पर इन संस्थानों के खिलाफ भारी जुर्माना और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कौन आते हैं ‘बल्क वेस्ट जनरेटर’ की श्रेणी में?
नगर निगम के प्रावधानों के अनुसार, निम्नलिखित संस्थानों को इस श्रेणी में रखा गया है और इनके लिए कचरा प्रबंधन अनिवार्य है:
– क्षेत्रफल: वे संस्थान जो 20,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल में स्थित हैं।
– पानी की खपत: जहाँ प्रतिदिन 40,000 लीटर से अधिक पानी की खपत होती है।
– कचरे की मात्रा: जो संस्थान रोजाना 100 किलो से अधिक ठोस कचरा उत्पन्न करते हैं।
मिलेगा तीन साल का वैधता प्रमाण पत्र
नगर निगम ने बताया कि जो होटल और रेस्टोरेंट इन मानकों को पूरा करेंगे और कचरा प्रबंधन की सही व्यवस्था लागू करेंगे, उन्हें निगम की ओर से तीन वर्षों के लिए वैधता प्रमाण पत्र (Validity Certificate) जारी किया जाएगा।
निगम की इस कार्रवाई से शहर के होटल व्यवसायियों में हड़कंप मचा हुआ है। अपर नगर आयुक्त ने चेतावनी दी है कि चेतावनी की अवधि समाप्त होने के बाद विशेष टीमों द्वारा निरीक्षण किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर बिना किसी रियायत के कार्रवाई की जाएगी।








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