भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में मील का पत्थर साबित होने जा रहे नारी शक्ति वंदन अधिनियम को संसद में पेश किए जाने के अवसर पर नमामि गंगे ने श्री काशी विश्वनाथ धाम में प्रतिष्ठित भारत माता के सम्मुख नारी शक्ति की आरती उतार कर सम्मान किया। गंगा द्वार पर नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व कर रहीं प्रकृति की देवी मां गंगा की आरती उतारकर नारी शक्ति का आदर किया ।
सम्मान स्वरूप महिलाओं को अंगवस्त्रम और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत तुलसी के पौधे भेंट किए गए। बाबा काशी विश्वनाथ का धाम माता पार्वती , माता अन्नपूर्णा और नारी शक्ति के जय घोष से गूंज उठा। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण और राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम है।

यह कानून संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए (एक-तिहाई) सीटें आरक्षित करता है। ‘नारी शक्ति’ को नीति-निर्माण के केंद्र में लाने और लैंगिक समानता सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी निर्णय है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 1/3 सीटें आरक्षित होंगी।
इस अधिनियम का उद्देश्य महिला सशक्तीकरण को मजबूत करना और नीति-निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाना है । आयोजन में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, पूजा मौर्या, साधना दिक्षित, स्वाति शर्मा, शोभा नागर सहित सम्मानित नारी शक्ति मौजूद रहीं।










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