वाराणसी, 14 अप्रैल:
बिजली लाइनों की मरम्मत के दौरान होने वाले हादसों पर अब बड़ा ब्रेक लगने जा रहा है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PuVVNL) ने वाराणसी के डाफी 33/11 kV विद्युत उपकेंद्र पर अत्याधुनिक ‘ब्रेकर गार्ड’ (Breaker Guard) डिवाइस स्थापित कर सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
इस हाईटेक सिस्टम का औचक निरीक्षण पूर्वांचल के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार ने किया और इसकी कार्यप्रणाली को मौके पर परखा।
IIT कानपुर की तकनीक से बढ़ी सुरक्षा
यह स्मार्ट डिवाइस Indian Institute of Technology Kanpur के विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब बिजली फीडर को दोबारा चालू करना पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रित प्रक्रिया बन गई है।
OTP से ही चालू होगी बिजली
अब किसी भी फीडर को चालू करने से पहले लाइनमैन के मोबाइल पर आए OTP (One Time Password) को सिस्टम में डालना अनिवार्य होगा। बिना OTP के बिजली सप्लाई शुरू ही नहीं हो सकेगी।
खत्म होगी मानवीय गलती
अब तक कई हादसे गलत सूचना या जल्दबाजी में बिजली चालू करने से होते थे, लेकिन यह डिवाइस ऐसी मानवीय चूक की संभावना को पूरी तरह खत्म कर देगी।
MD ने खुद परखा सिस्टम
निरीक्षण के दौरान MD शंभू कुमार (जो खुद IIT कानपुर के पूर्व छात्र हैं) ने तकनीक की सराहना करते हुए कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यह डिवाइस उस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
पूरे पूर्वांचल में लागू करने की तैयारी
डाफी उपकेंद्र पर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो जल्द ही इस ‘कानपुर मॉडल’ को पूरे पूर्वांचल डिस्कॉम में लागू किया जाएगा।
इससे लाइनमैनों की सुरक्षा बढ़ेगी और “जीरो एक्सीडेंट” का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।अब तकनीक करेगी सुरक्षा की गारंटी, लाइनमैन बनेंगे पूरी तरह सुरक्षित!











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