लखनऊ विश्वविद्यालय में 20 से 28 सितंबर तक चल रहे गोमती पुस्तक महोत्सव में कर्नल विनोद कुमार पोस्टमास्टर जनरल वाराणसी ने शिरकत की और बताया कि डाक विभाग के बड़े नेटवर्क का इस्तेमाल पुस्तक प्रकाशक पुस्तकों की बिक्री के लिए कर सकते हैं और पुस्तकों को पाठकों तक आसानी से पहुँचा सकते हैं। कर्नल विनोद कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि इंडिया पोस्ट की रिटेल पोस्ट सेवा के तहत विभाग के साथ एक अनुबंध करने के बाद चिन्हित डाक घरों के शोकेस का उपयोग करके प्रकाशक अपनी पुस्तकों को जनता के बीच बिक्री के लिए उपलब्ध करा सकते हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय के शिवाजी मैदान में इस नौ दिवसीय गोमती पुस्तक महोत्सव-2025 में 225 से ज्यादा स्टॉल्स लगाए गए हैं। यहां आईएएस व वरिष्ठ लेखक पार्थ सारथी सेन शर्मा की किताबों ने युवाओं के दिलों में घर कर लिया है। एलयू में एमए मनोविज्ञान के छात्र मोहम्मद फैज ने ‘लव इन लखनऊ और बीए तृतीय वर्ष के छात्र आर्यन कुशवाहा ने ‘हम हैं राही प्यार के जैसी पुस्तकें खरीदकर वरिष्ठ लेखक के प्रति अपना प्यार जाहिर किया। 28 सितंबर तक चलने वाले इस महोत्सव में लोगों को फ्री एंट्री है और इसके साथ ही प्रिंट रेट से 10 प्रतिशत छूट पर किताबें मिलेंगी।
अयोध्या से आ कर लखनऊ में परीक्षा देने आई सुश्री वैष्णवी ने बताया कि वह कहा कि वह इस पुस्तक महोत्सव में परीक्षा से संबोधित किताबें ख़रीद रही हैं और उन्होंने कुछ उपन्यास एवं कहानियाँ भी अच्छी लगी हैं। इसी साल फिजिक्स केमिस्ट्री मैथ्स के साथ सफलतापूर्वक बीएससी पास कर चुकी सुश्री वैष्णवी का कहना था कि इस तरह के पुस्तक मेले राज्य के सभी जिलों में आयोजित किए जाने चाहिए और स्कूल के विद्यार्थियों को यहाँ लाने के प्रबंध भी किये जाने चाहिये ताकि स्टूडेंट्स में किताबों के प्रति रुचि जागृत हो सके। लखनऊ में आईआईटी और जेईई के लिए तैयारी कर रही सुश्री यशस्वी ने बताया कि वह अपने रुचि की बहुत अच्छी किताबें महोत्सव में उपलब्ध हैं और उन्होंने अपनी पॉवर ऑफ़ माइंड के बारे में जानकारी दी और बताया कि वह इस पुस्तक से बहुत प्रभावित हुई हैं।
नौ दिनों तक चलने वाले इस पुस्तक महोत्सव में आगंतुक समूह चर्चाओं, लेखक संवाद, काव्य पाठ, मुशायरा, पुस्तक विमोचन, स्टोरीटेलिंग सेशन और सांस्कृतिक संध्याओं का आनंद ले सकेंगे। इस दौरान विशेष वक्ताओं में आईआईटी लखनऊ के निदेशक डॉ. अरुण मोहन शेरी, वरिष्ठ लेखक गुलाब कोठारी, रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के चांसलर एवं लेखक संतोष चौबे, लेखक-कवि-अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा, उपन्यासकार शीला रोहेकर, कथाकार शिवमूर्ति, पद्मश्री डॉ. विद्या विंदु सिंह तथा चर्चित अवधी कवि-लेखक व संपादक डॉ. रामबहादुर मिसिर आदि शामिल रहेंगे।
महोत्सव में हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध उपन्यास गुनाहों का देवता, तमस, गोदान और दीवार में एक खिड़की रहती है जैसी पुस्तके बहुत लोकप्रिय हो रही हैं।कर्नल विनोद ने बताया कि नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया निशुल्क हजारों ई-बुक्स पढ़ने को दे रहा है। इसके लिए एनबीटी इंडिया के ऐप राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय को डाउनलोड करना है जिसमें 23 भाषाओं में लिखीं तीन हजार से ज्यादा ई-बुक्स निशुल्क उपलब्ध हैं। इसका मुख्य उद्देश्य पुस्तक पाठन संस्कृति को डिजिटल माध्यम से बढ़ावा देना है










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