रोहनिया।
जगतपुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भारतीय इतिहास संकलन समिति, काशी प्रांत द्वारा “पूर्वी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत” नामक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में 150 शोधार्थियों, सहायक आचार्य, सह-आचार्य और आचार्यों ने भाग लिया और पूर्वी उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक आयामों पर शोधपत्र का वाचन किया।इस राष्ट्रीय कार्यशाला में अखिल भारतीय संकलन योजना, नई दिल्ली के संरक्षक प्रो० देवी प्रसाद सिंह का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने संस्था के उद्देश्यों और अद्यतन कार्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना,

नई दिल्ली के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ बालमुकुंद पाण्डेय ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में बताया कि इतिहास एक शोध विषय होने के साथ-साथ भारतीय समाज में आत्म सम्मान का भी विषय है।भारतीय इतिहास लोक परंपराओं की वजह से ही जीवित है। उनके द्वारा इन तथ्यों पर भी जोर दिया गया कि हमारी सच्ची घटनाओं को दफनाया गया है और इतिहास के साथ-साथ समय-समय पर खत्म हुआ है इतिहास संकलन समिति इन्हीं छद्म एवं षडयंत्रों को पहचान कर उनके प्रतिरोध के लिए तत्पर है।

विशिष्ट अतिथि संजय मिश्र (राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना) और डॉ० सुरेश पाण्डेय (क्षेत्रीय संगठन सचिव) रहे।कार्यशाला में प्राचार्य प्रो० अनिल प्रताप सिंह और प्रो० आनंदशंकर सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। महासचिव प्रो० पीयूषकांत शर्मा ने कार्यशाला का संचालन किया।इस कार्यक्रम में प्रबंधक रामसागर सिंह, डॉ देवी प्रसाद, प्रो.अनिल प्रताप सिंह, डॉ० प्रशांत सांडिल्य, डॉ० प्रियंका सिंह, डॉ० उत्तम कुमार द्विवेदी, डॉ० प्रवीण कुमार त्रिपाठी, डॉ० नरेन्द्र कुमार सिंह, डॉ० हेमन्त सिंह, डॉ० अखिलानंद सिंह, विनय पांडेय ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।











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