चंदौली शहाबगंज क्षेत्र के उसरी स्थित मंगल पांडे अमृत सरोवर पर अमर शहीद भगत सिंह का शहादत दिवस मनाया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर लोकतंत्र सेनानी रामनिवास पांडे के नेतृत्व में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानी रामनिवास पांडे ने कहा कि आज के नौजवानों को भगत सिंह की विचारधारा से प्रेरणा लेकर देश हित में स्वयं को समर्पित करने की आवश्यकता है। उन्होंने भगत सिंह के ब्रिटिश हुकूमत से माफी मांगने से इनकार करने और फांसी के फंदे को चूमने के दृढ़ संकल्प को याद किया।
रामनिवास पांडे ने बताया कि भगत सिंह केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे। उन्होंने न केवल भारत को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने का प्रयास किया, बल्कि मानव द्वारा मानव के शोषण के विरुद्ध भी आवाज उठाई। उनकी क्रांतिकारी विचारधारा समाजवाद की समर्थक थी।
भगत सिंह का मानना था कि क्रांति की धार विचारों की शान पर तेज होती है और क्रांति मानव जाति का एक अविभाज्य अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा था कि श्रम ही समाज का वास्तविक पालनहार है और कानून की पवित्रता तभी तक बनी रह सकती है जब तक वह लोगों की इच्छा की अभिव्यक्ति करे। उनका प्रसिद्ध नारा था, “तुम मुझे मार सकते हो, लेकिन मेरे विचारों को नहीं मार सकते। अंग्रेज मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन मेरी आत्मा को कुचलने में सफल नहीं होंगे।”
रामनिवास पांडे ने नौजवानों और छात्रों से अपील की कि आज के समय में भगत सिंह को पढ़ना इसलिए आवश्यक है ताकि शोषण मुक्त समाज की कल्पना साकार हो सके। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है जब भगत सिंह के विचारों से प्रेरणा लेकर गैर-बराबरी और अन्याय के विरुद्ध आवाज बुलंद की जाए।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित वीरेंद्र पांडे, बाबूलाल शर्मा, सुनील पासवान, पवन पांडे, प्रमोद पांडे, मनीष पांडे, मृत्युंजय पांडे, बसंत गुप्ता, टोनी पासवान, सुनील खरवार, श्रीराम पासवान, राहुल शर्मा, अंकित पासवान सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी










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