वाराणसी
मथुरा में प्रख्यात गौरक्षक ‘फरसा वाले बाबा’ की दुखद मृत्यु के बाद वाराणसी में मौजूद ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश सरकार को कड़े शब्दों में घेरा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दावा करती थी कि यहां गाय को कोई खरोंच तक नहीं मार सकता, लेकिन अब तो साक्षात गौरक्षकों पर ही जानलेवा हमले किए जा रहे हैं.
शंकराचार्य ने इस वारदात पर गहरा आक्रोश और नाराजगी व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल और कठोरतम कार्रवाई की मांग की है. उनके अनुसार, यह वारदात गौरक्षकों के मनोबल पर एक बड़ा प्रहार है जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता.
वारदात को लेकर आक्रोश: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि वृंदावन में कल रात जब फरसा वाले बाबा ने गायों से लदे एक संदिग्ध ट्रक को रोकने का प्रयास किया, तो तस्करों ने उन पर ट्रक चढ़ा दिया. उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि ईद के अवसर पर होने वाली संभावित गोकशी को रोकने की कोशिश में एक परम गौभक्त को अपनी जान गंवानी पड़ी है.
फरसा वाले बाबा सदैव गौ माता की रक्षा के लिए संकल्पित रहते थे और कहीं भी गौवंश पर संकट आने पर सबसे पहले खड़े होते थे. उनकी इस प्रकार अचानक हुई हत्या ने पूरे संत समाज और गौभक्तों के मन को गहरे क्षोभ और पीड़ा से भर दिया है. एनकाउंटर और कड़ी कार्रवाई की मांग: शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ करते हुए तस्करों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए.
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भक्त चाहते हैं कि ऐसे जघन्य अपराधियों का एनकाउंटर होना चाहिए ताकि भविष्य में कोई गौरक्षकों की ओर आंख उठाने का साहस न कर सके. स्वामी जी ने सरकार की कथनी और करनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि गौरक्षकों को अब स्वयं आगे आकर अपनी शक्ति बढ़ानी होगी. उन्होंने मथुरा पुलिस को निर्देशित किया कि दोषियों पर कड़ी से कड़ी धाराएं लगाकर ऐसी कार्रवाई की जाए जो एक मिसाल बने।
बुजुर्ग गौ-रक्षक की गला रेतकर हत्या: शंकराचार्य ने कहा कि एक सच्चा गौ-भक्त, जो निरंतर गायों की सेवा और रक्षा में लगा था, उसकी इस तरह हत्या कर देना पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है. यदि गौ-सेवा करने वाले संत और भक्त ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो समाज में धर्म की रक्षा कैसे होगी. मथुरा में ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध एक बुजुर्ग गौ-रक्षक की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद इलाके में तनाव और बवाल देखा गया था. इस वारदात ने धार्मिक समुदाय और गौ-रक्षकों के बीच भारी रोष पैदा कर दिया है.










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