नगरा बलिया शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विकास खण्ड नगरा का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विकास कार्यों में पारदर्शिता की कमी और अभिलेखों के रख-रखाव में भारी लापरवाही पाए जाने पर सीडीओ ने कड़ा रुख अपनाया।
फाइलों में मिली खामियां, लेखाकार पर गिरी गाज
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने लेखा अनुभाग की पत्रावलियों की जांच की। जांच में पाया गया कि कराए गए कार्यों की फाइलों में ‘कार्य से पूर्व’ और ‘कार्य के पश्चात’ की अनिवार्य फोटोग्राफ्स संलग्न नहीं थीं। नियमों की अनदेखी और वित्तीय अनुशासनहीनता पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए सीडीओ ने संबंधित लेखाकार (Accountant) का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने तथा कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी करने के निर्देश दिए।
परिसर का सौंदर्यीकरण और जल संचयन
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने ब्लॉक मुख्यालय के बाहर खाली पड़े क्षेत्र का भी जायजा लिया। उन्होंने रिक्त भूमि का सदुपयोग करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस क्षेत्र को तालाब (Amrit Sarovar model) के रूप में विकसित किया जाए, जिससे जल संचयन के साथ-साथ परिसर का सौंदर्यीकरण भी हो सके।
जर्जर आवासों के ध्वस्तीकरण के निर्देश
ब्लॉक परिसर में स्थित पुराने और बंद पड़े सरकारी आवासों के संबंध में सीडीओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इनकी तत्काल जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आवास जर्जर या रहने योग्य नहीं पाए जाते हैं, तो सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें नियमानुसार ध्वस्त (Demolish) करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या शासकीय धन के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी पत्रावलियों का पूर्ण होना अनिवार्य है।
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला










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