चंदौली जनपद के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) की नगर पालिका को कथित रूप से ‘सी-ग्रेड’ में भेजे जाने के मुद्दे पर पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस कदम को भारतीय जनता पार्टी का सोचा-समझा और सुनियोजित प्रयास बताया, जिसका उद्देश्य नगर पालिका के विकास कार्यों को प्रभावित करना है।
पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने कहा कि नगर पालिका को ‘सी-ग्रेड’ में भेजने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि यह नगर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर है, जो किसी एक पार्टी के नहीं बल्कि पूरे समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व थे। उनके नाम पर इस नगर में विकास योजनाएं चलाई जानी चाहिए थीं।
यादव के अनुसार, सरकार ने नगर पालिका को ‘सी-ग्रेड’ में भेजकर विकास की रफ्तार रोक दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार में पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर पालिका को आदर्श नगर पालिका के रूप में विकसित करने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं स्वीकृत की गई थीं।
इन योजनाओं में महिला अस्पताल, पानी की टंकियों का निर्माण, बिजली के अस्थायी स्टेशन और पेयजल की व्यवस्था जैसे कई विकास कार्य शामिल थे, जिन्हें आगे बढ़ाया गया था।
रामकिशुन यादव ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश और केंद्र में भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार होने के बावजूद नगर के विकास के लिए एक भी नया पैसा नहीं दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका को ‘सी-ग्रेड’ में डालकर उसके बजट और आर्थिक मदद को रोकने का प्रयास किया गया है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। यादव ने सरकार से मांग की कि नगर के विकास को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका को पहले की तरह सक्रिय किया जाए और पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के विकास के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध कराया जाए।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी










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