कोडीन युक्त फ़ेंसा डील कफ सिरप तस्करी मामले में 25 हजार के दो इनामिया पिता पुत्र को कोतवाली पुलिस व SIT टीम ने किया गिरफ्तार

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वाराणसी। कोडीन युक्त फ़ेंसा डील कफ सिरप की अवैध तस्करी के एक बड़े मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वाराणसी पुलिस की संयुक्त टीम ने 25 हजार रुपये के इनामिया आरोपी समेत दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अपराधों की रोकथाम एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।

पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन में चल रहे इस अभियान के तहत, पुलिस उपायुक्त सहायक पुलिस काशी जोन के निर्देशन और अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन के पर्यवेक्षण में, कोतवाली थाना, रामनगर थाना और एसआईटी की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को ढुन्दराज पुलिया के पास टेगड़ा मोड़ (थाना रामनगर) से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

 

गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम

 

1. मनोज कुमार यादव पुत्र भोला नाथ यादव, निवासी के 55/94 औसानगंज राजापुर, थाना जैतपुरा, वाराणसी। (उम्र करीब 48 वर्ष) – यह थाना कोतवाली में दर्ज मामले में 25 हज़ार रुपये का इनामिया अपराधी घोषित है।

2. लक्ष्य यादव पुत्र मनोज कुमार यादव, निवासी के 55/94 औसानगंज राजापुर, थाना जैतपुरा, वाराणसी। (उम्र करीब 21 वर्ष)

 

क्या है पूरा मामला

पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी मनोज यादव का 25 वर्ष पुराना ड्रग लाइसेंस था। उसने रांची (झारखंड) की फर्म ‘शैली ट्रेडर्स’ के संचालक भोला प्रसाद जायसवाल और उनके बेटे शुभम जायसवाल के साथ मिलकर एक बड़ा सिंडिकेट चलाया। आरोपियों ने फर्जी और कूटरचित जीएसटी इनवॉयस व ई-वे बिल का इस्तेमाल कर न्यू फेंसाडिल (कोडीन युक्त) कफ सिरप की भारी मात्रा खरीदी।

हालांकि, यह प्रतिबंधित कफ सिरप अधिकृत थोक विक्रेताओं को नहीं बेचा गया, बल्कि इसे पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के रास्ते बांग्लादेश में तस्करी कर नशे के रूप में प्रयोग किया गया। पूछताछ में आरोपी मनोज यादव ने बताया कि शुभम जायसवाल की मिलीभगत से उसने करीब 1,26,000 शीशी (लगभग 2 करोड़ रुपये की) का अवैध कारोबार किया। यह माल कभी भी वाराणसी (सप्तसागर) नहीं लाया गया, बल्कि बाहर ही इसकी तस्करी कर दी गई।

अवैध कमाई से संपत्ति अर्जित करने का खुलासा

आरोपी मनोज ने बताया कि इस अवैध तस्करी से अर्जित धन को हवाला के जरिए प्राप्त किया गया और उसे वैध बनाने के लिए ‘एलएमएस इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की कंपनी में निवेश किया गया। उसके बेटे लक्ष्य यादव का काम शुभम जायसवाल के कहने पर इस कंपनी में नकद पैसे जमा करना था। इस रकम से आरोपी ने भोला प्रसाद जायसवाल के साथ मिलकर करीब तीन करोड़ रुपये की पांच संपत्तियां खरीदीं।

 

आपराधिक इतिहास

 

गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। मनोज यादव के खिलाफ कोतवाली और रामनगर के एनडीपीएस एक्ट के मामलों के अलावा, सिगरा थाने में मारपीट, धमकी और चोरी जैसे अपराधों के मामले दर्ज हैं। कोतवाली और रामनगर थाने में दर्द मुकदमों में दोनों आरोपियों के खिलाफ माननीय न्यायालय से गैर-जमानती वारंट भी जारी हैं।

 

गिरफ्तार करने वाली टीम

 

इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर सिंह (कोतवाली) के नेतृत्व में एसआईटी और रामनगर थाने के उपनिरीक्षकों व कर्मचारियों की अहम भूमिका रही। टीम में उ0नि0 विकास पाण्डेय, मनीष सिंह, अजीत मौर्या, लवलेश पटेल, शिवम सोनी, अमित त्रिपाठी, का0 नीरज मौर्या, सुमित शाही, गौरव भारती, सर्विलांस सेल के अश्वनी सिंह और बृजेश राय शामिल थे।

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है

 

 

 

रिपोर्ट राधिका तिवारी

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