वाराणसी न्यूज :-

कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने बताया कि मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में स्नान के दौरान ही यह सब शुरू हुआ और इस मामले में प्रयागराज के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा की भूमिका भी संदिग्ध है। उन्होंने बताया कि एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें अजय पाल शर्मा और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर करने वाले आशुतोष महाराज एक साथ नजर आ रहे हैं।
सभी आरोप फर्जी: कांग्रेस
राघवेंद्र चौबे ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को उनके शिष्यों के साथ अमावस्या के दिन जिस तरह से रोका गया यह निंदनीय है। यह उनके और उनके शिष्यों को अपमानित करने के उद्देश्य से किया गया था और जब मामले नें तूल पकड़ा तो फर्जी आरोप लगाकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदनंद ब्रह्मचारी समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच में पारदर्शिता होना जरुरी: कांग्रेस
कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बनारस के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि शंकराचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने वाले लोगों की भी जांच कराई जाए। इसके साथ ही इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शिता रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज द्वारा जांच कराया जाना अति महत्वपूर्ण है, ताकि मामले का खुलासा हो सके।
रिपोर्ट – विवेक कुमार यादव










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