जौनपुर
जौनपुर, आज भावनाओं से भरा हुआ था। शब्द जैसे ठहर गए थे, कलम जैसे नम हो गई थी, और हर चेहरे पर एक ही भाव था। मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा और संवेदना।
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग, नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में जौनपुर के जिलाध्यक्ष स्वदेश कुमार की पूज्य माता स्वर्गीय बसंती देवी के आकस्मिक स्वर्गवास पर गहरा शोक व्यक्त किया गया।
इस दुःख की घड़ी में संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा स्वयं उनके आवास पर पहुंचे। वातावरण शोकाकुल था। परिजनों की आंखों में आंसू थे, और उपस्थित पत्रकार साथियों के हृदय में संवेदना की लहरें उमड़ रही थीं।
कार्यक्रम के दौरान दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। वह मौन केवल औपचारिकता नहीं था। वह पत्रकार एकता का मौन संकल्प था। हर झुकी हुई आंख यह कह रही थी। कि यह पीड़ा केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे पत्रकार समाज की है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि माताएं केवल परिवार नहीं गढ़तीं है।वे संस्कार भी गढ़ती हैं। स्वर्गीय बसंती देवी जैसी मातृशक्ति ने ही ऐसे व्यक्तित्व को जन्म दिया, जो समाज और पत्रकारों के अधिकारों की लड़ाई में सदैव अग्रणी रहा है।
उन्होंने अपने संबोधन में राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह संगठन केवल नाम भर का मंच नहीं, बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए समर्पित एक मजबूत राष्ट्रीय परिवार है।
पत्रकार उत्पीड़न के मामलों में सक्रिय हस्तक्षेप
कानूनी सहायता और मार्गदर्शन
संगठनात्मक एकजुटता के माध्यम से सामूहिक शक्ति का निर्माण
निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता की रक्षा
उन्होंने कहा कि जब तक पत्रकार एक मंच पर संगठित नहीं होंगे, तब तक उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिशें जारी रहेंगी। लेकिन जिस दिन देश का हर एक पत्रकार एक झंडे के नीचे खड़ा होगा, उसी दिन पत्रकारिता की असली ताकत दिखाई देगी।
आज जौनपुर की धरती से जो संदेश निकला, वह केवल एक श्रद्धांजलि का संदेश नहीं था। वह राष्ट्रीय पत्रकार एकता का शंखनाद था।
यह घटना हमें याद दिलाती है। कि पत्रकार केवल खबर लिखने वाला व्यक्ति नहीं है। वह समाज की चेतना है। और जब चेतना पर आघात होता है। या परिवार शोक में डूबता है। तब पूरा समाज साथ खड़ा होता है।
स्वर्गीय बसंती देवी को दी गई श्रद्धांजलि ने यह सिद्ध कर दिया कि पत्रकार बिरादरी केवल पेशे से नहीं, बल्कि भावनाओं से भी जुड़ी है।
आज आवश्यकता है। कि देश का हर पत्रकार इस एकता को समझे, इसे अपनाए और एक मजबूत राष्ट्रीय मंच से जुड़े। ताकि अधिकार सुरक्षित रहें। सम्मान बना रहे। और पत्रकारिता का गौरव अक्षुण्ण रहे।
जौनपुर से उठी यह संवेदना की लौ अब पूरे देश में पत्रकार एकता की मिसाल बने। यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस मौके पर विनय कुमार, अखिलेश सिंह, रोहित चौबे, सन्तोष प्रजापति, आनंद मौर्या, बिनोद कुमार,आशीफ पठान, सतीश चौहान, डॉ अनिल गौतम, शैलेश कुमार, सन्तोष शर्मा, राकेश शर्मा, डी के अग्रवाल एवं क्षेत्र के तमाम शुभचिंतक उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – सुरेश कुमार शर्मा










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