चंदौली शिकारगंज इन दिनों पान मसाला और गुटखा की कालाबाजारी का खेल खुलेआम चल रहा है, लेकिन जिला प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, व्यापारियों ने पुराने प्रिंट रेट वाले माल पर अवैध रूप से भारी मुनाफे का खेल शुरू कर दिया है।
प्रति बंडल ₹100-150 रूपए की लूट
बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाले राजश्री,बहार पान मसाला, A1 सुपारी, जैसे ब्रांड्स के प्रति बंडल पर व्यापारियों ने लगभग ₹100-150 की बढ़ोतरी कर दी है।
वहीं गोल्ड फ्लैक सिगरेट जिसपर ₹95 का प्रिंट है उसे ₹ 120 में बेचा जा रहा है।
आलम यह है कि फुटकर विक्रेता भी अब मजबूरी का फायदा उठाते हुए प्रति पैकेट ₹50 से ₹60 तक वसूल रहे हैं। यह पूरी वसूली उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डालने जैसी है।
पुराने स्टॉक से भरा जा रहा अपना खजाना
चकिया के थोक व्यापारी गोदामों में डंप पुराने स्टॉक को नई और बढ़ी हुई कीमतों पर बेच रहे हैं। इस ‘करोड़ों के खेल’ के जरिए जहां एक ओर आम जनता को लूटा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर टैक्स चोरी कर सरकार को भी लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है।
प्रशासन की नाक के नीचे ‘अंधेरगर्दी’
हैरानी की बात यह है कि यह सारा खेल शासन-प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या संबंधित विभाग और खाद्य औषधि प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं है या फिर जानबूझकर इन माफियाओं को खुली छूट दी गई है?
कठोर कार्रवाई की दरकार\
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल इन कालाबाजारी करने वाले व्यापारियों के ठिकानों पर छापेमारी करनी चाहिए। यदि समय रहते इन ‘लुटेरों’ पर नकेल नहीं कसी गई, तो जनता का सिस्टम पर से भरोसा उठ जाएगा। प्रशासन को चाहिए कि वह कठोर से कठोर कार्रवाई कर नजीर पेश करे, ताकि दोबारा कोई कालाबाजारी करने की हिम्मत न जुटा सके।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी











Users Today : 94
Users This Year : 17407
Total Users : 30000
Views Today : 198
Total views : 59478